अंबिकापुर। गौ सेवा मंडल सरगुजा के अध्यक्ष रिंकू तिवारी ने जारी बयान में कहा है कि पिछले तीन साल से पार्बो संक्रमण के घेरे में कुत्ते आ रहे हैं। यह संक्रमण हर वर्ष नवंबर-दिसंबर के माह में फैलता है और अप्रैल तक रहता है। हर साल पूरे भारत में लाखों कुत्ते इस संक्रमण से जान गंवा देते है, जिसमें सबसे ज्यादा सड़क पर विचरण करने वाले कुत्ते रहते हैं। इनका इलाज सही समय नहीं हो पाता है। कुछ को तो मवेशियों की सुध लेने वाली संस्थाएं बचा लेती हैं पर कई को बचा पाना मुश्किल होता है। घर में जो लोग कुत्तों को पालते हैं, वे समय-समय पर उनका इलाज करा लेते हैं ऐसे में पालतू कुत्तों की जान जाती है। अभी तक इस संक्रमण से कुत्तों को बचाने 7 इन 1 नामक वैक्सीन है, जिसे लगवाने से कुत्तों में वायरस से लडऩे का क्षमता बनी रहती है और संक्रमण होने पर भी वे रिकवर हो जाते हैं। संक्रमण सबसे ज्यादा खतरनाक छोटे कुत्तों के लिए है, जो एक या दो माह से कम के रहते हैं। गौ सेवा मंडल सरगुजा ने सरकार से आग्रह किया है कि इस संक्रमण से बचाव के लिए सही वैक्सीन की खोज होनी चाहिए ताकि इन बेजुबानों को बचाया जा सके। गौ सेवा मंडल के द्वारा लोगों से आग्रह किया गया है कि उन्हें आस-पास कोई लावारिस कुत्ता बीमार नजर आता है तो गौ सेवा मंडल को सूचित करें।
कुत्तों को संक्रमण से बचाने वैक्सीन उपलब्ध कराए सरकार-गौ सेवा मंडल कहा-हर साल भारत में लाखों कुत्ते गंवा रहे जान

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