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छत्तीसगढ़

छः सूत्रीय मांगों को लेकर वाहन चालक बूढ़ा तालाब में आज करेगे एक दिवसीय प्रदर्शन


सुरजपुर। प्रदेश के शासकीय एवं अर्धशासकीय वाहन चालकों के हड़ताल पर चले जाने से आज अधिकारियों के वाहनों का पहिया एक दिन के लिए थम जायेगा। क्योंकि इनके चालक इस दिन अपनी छः सूत्रीय मांगों को लेकर रायपुर के बूढा तालाब के सामने चालक महासंघ के बैनर तले    एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आंदोलन करेंगे। उल्लेखनीय है कि इस दिन अधिकारियों के ड्रायवरों के हड़ताल में जाने से अधिकारियों पर प्रभाव पड़ेगा।इसके लिए जिला के भी छग प्रदेश शासकीय एवं अर्धशासकीय वाहन चालक महासंघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने  एक दिवसीय अवकाश के लिए आवेदन सौंपा है। आवेदन में इन्होंने उल्लेख किया है कि हम अपनी मांगों को लेकर गत 7 जनवरी को मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर  प्रदेश अध्यक्ष और पदाधिकारियों ने अपनी छ: प्रमुख मांगों कलेक्टर दर, आकस्मिक निधि, दैनिक वेतनभोगी एवं संविदा वाहन चालको के पद के विरूद्ध निःशर्त संविलियन करते हुए नियमित स्थापना में लिये जाने, शासकीय वाहन चालकों को दस से बीस वर्ष में 1900 से 2800 ग्रेड पे प्रदाय किया जा रहा है, जो एकल पद के अनुसार संशोधन कर दस वर्ष से बीस वर्ष में 42 सौ ग्रेड पे दिया जाने, वाहन चालकों को योग्यातानुसार अन्य कर्मचारियों के समान विभागीय पदोन्नति एवं विभागीय परीक्षा में समान अधिकार देने के लिए सम्मिलित किये जाने, कार्यभारिता प्रभा को समाप्त करने और नियमित स्थापना में संविलियन किये जाने, शासकीय कर्मचारियों और यांत्रिकीय कर्मचारियों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के दायरे में जो कार्यरत हैं उन्हें नक्सल भत्ता दिये जाने, शासन प्रत्येक विभाग की अनुबंध वाहन को हटाकर शासकीय वाहन क्रय कर वाहन चालक की नियुक्त करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपकर इसे गत 29 जनवरी तक पूरा करने की मांग की गई थी और कहा गया था कि सरकार बनने के पहले जब हम अपनी इन मांगों को लेकर बूढा तालाब के सामने धरना दे रहे थे तब धरना स्थल पर पहुंचकर हमें संविलियन सहित अन्य मांगों को पूरा करने के आश्वासन दिया था। परंतु  सत्ता आने लगभग तीन साल हो गई उसके बाद भी हमारी मांगों को लेकर कोई कार्यवाही नहीं की गई और गत 7 जनवरी को आपको आवेदन देने के बाद भी कोई कार्यवाही और आश्वासन नहीं मिलने के कारण हम आंदोलन  के लिए बाध्य हो रहे है, अभी एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आंदोलन किया जा रहा है, इसके बाद भी मांग पूरा नही होने पर लंबे समय तक आंदोलन करने हम बाध्य होंगे।

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