अंबिकापुर। स्थानीय शासकीय शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा में जिला रेडक्रास सोसायटी एवं संगवारी संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में नवीन सिकलसेल प्रबंधन इकाई का उद्घाटन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने किया। शासन स्तर पर हीमोग्लोबिनोपैथी से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सरगुजा जिले में यह प्रथम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है जहां पर विशेष सिकलसेल प्रबंधन ईकाई स्थापित की गई है। जिला रेडक्रास सोसायटी सरगुजा के सभापति एवं उपाध्यक्ष जिला पंचायत सरगुजा आदित्येश्वर शरण सिंहदेव के विशेष प्रयास से यह संभव हो पाया है। आगामी योजना अनुसार जिले के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इस सुविधा की शुरूआत की जाएगी। कार्यक्रम में 43 सिकलसेल एवं अन्य हिमोग्लोबिनापैथी के पीड़ित बच्चों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा में रेफर किया गया था जहां उनका निःशुल्क उपचार एवं काउंसलिंग संगवारी संस्थान के डॉ.शिल्पा खन्ना एवं डॉ.चैतन्य मलिक ने किया। संगवारी संस्थान के डॉ.चैतन्य मलिक ने बताया कि हाइड्रोक्सीयूरिया नामक दवाई का उपयोग अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किया जा रहा है, जिसे अब भारत के प्रोटोकॉल में भी शामिल किया गया है। इस दवाई के उपयोग से सिकलसेल जो हसिया आकृति की लाल रक्त कोशिका रहती है, वह धीरे -धीरे गोल आकार की हो जाती है, जिससे सिकलसेल के रोगी को बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ती और रोगी की जीवन में सुधार आता है।
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि राज्य स्तर में शासन एक नवीन सिकलसेल अनुसंधान संस्थान संचालित कर रही है, इसके नवीन भवन हेतु शासन ने स्वीकृति दे दी है। उन्होंने इस बीमारी के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा कि सिकलसेल मरीजों के इलाज हेतु किसी भी शासकीय अस्पताल में निःशुल्क व्यवस्था की गई है। साथ ही आवागमन और खून भी निःशुल्क जरूरतमंद को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने मरीजों को इलाज के साथ जागरूक होने का भी लाभ बताया। उन्होंने इस बीमारी को संपूर्ण रूप से खत्म करने का तरीका बताते हुए कहा कि जैसे शादियों में जन्मकुंडली गुणों के लिए मिलाई जाती है, वैसे ही शादी के पूर्व सिकलसेल जांच अत्यंत जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ी इस बीमारी से ग्रसित न हो। उन्होंने शासकीय शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा की तारीफ करते हुए कहा कि यहां किए गए कार्य पर प्रसन्नता एवं गर्व महसूस होता है। आप सभी ने राज्य स्तर पर रास्ता दिखाया कि कैसे छोटा अस्पताल समस्त सुविधाओं को उपलब्ध करा सकता है। उन्होंने जिला रेडक्रास सोसायटी सरगुजा के सभापति एवं उपाध्यक्ष जिला पंचायत सरगुजा आदित्येश्वर शरण सिंहदेव का भी आभार प्रकट किया। स्वास्थ्य मंत्री ने इन सुविधाओं का आमजनों से लाभ लेने की अपील की है। कार्यक्रम में सिकलसेल एवं अन्य हिमोग्लोबिनोपैथी से पीड़ित बच्चों को स्वास्थ्य मंत्री ने सिकलसेल कार्ड वितरित किया, चाकलेट बांटे एवं फोटो, सेल्फी लिया। कार्यक्रम का संचालन शहरी कार्यक्रम प्रबंधक डॉ.अमिन फिरदौसी ने किया। कार्यक्रम में सिकलसेल कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ.श्रीकांत, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ.आयुष जायसवाल, चिरायु के समस्त चिकित्सा अधिकारी एवं कर्मचारी एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
हाइड्रोक्सीयूरिया दवा अब भारत के प्रोटोकॉल में भी शामिल नवीन सिकलसेल प्रबंधन इकाई का उद्घाटन किया प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने

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