अंबिकापुर। शहर के गोधनपुर निवासी दीपक गुप्ता हत्याकांड के मामले में एसआइटी की टीम द्वारा पूर्व में गिरफ्तार नाबालिग पुत्रों के बाद पिता अशोक तिवारी उर्फ बाबा पंडित व एक अन्य नाबालिग को गिरफ्तार किया है। इसके बाद आरोपित के स्वजनों ने कांग्रेस सरकार के एक मंत्री के इशारे पर निर्दोष लोगों की गिरफ्तारी का आरोप लगा लगभग पांच घंटे हंगामा किया। पुलिस अधिकारी धैर्यपूर्वक इन्हें समझाइश देते रहे। स्वजन बाबा पंडित व नाबालिग की रिहाई चाहते थे। मोहल्ले की कुछ महिलाओं के साथ पहुंची मां-बेटी व अन्य शाम पांच बजे तक पिता की रिहाई नहीं होने पर जेब में रखी फिनाइल की गोली दिखाकर आत्महत्या करने की धमकी दे रहे थे। कंट्रोल रूम परिसर में दो घंटे से अधिक हंगामे के बाद वे कोतवाली पहुंचे। यहां भी शोर-शराबा करके फिनाइल की गोली रखी पुत्री ने खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया, इसके बाद पुलिस का रूख बदला। मौके पर मौजूद कोतवाली टीआई और महिला पुलिस अधिकारियों, आरक्षकों ने गिरफ्तार आरोपित की पुत्री व पेट्रोल लाकर देने वाली नौकरानी को अभिरक्षा में लिया, बाद में समझाइश देकर छोड़ा।
जानकारी के मुताबिक दीपक गुप्ता की हत्या के मामले में गिरफ्तार नाबालिग पुत्रों की जमानत के लिए उच्च न्यायालय गए अशोक तिवारी उर्फ बाबा पंडित को पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर गठित की गई एसआइटी की पुलिस टीम बिलासपुर से गिरफ्तार करके लाई है। इसके अलावा एक और नाबालिग को हिरासत में लिया है। मामले में अब तक चार आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। शुक्रवार की रात अशोक तिवारी उर्फ बाबा पंडित को हत्या के मामले में गिरफ्तार करने की जानकारी जब स्वजनों को मिली तो वे शनिवार को किसी के बहकावे में आकर कोतवाली पहुंच गए। इसके बाद स्वजन कंट्रोल रूम पहुंच दो घंटे से अधिक ड्रामेबाजी, हंगामा किया, जिससे पुलिस पशोपेश में रही। महिला थाना प्रभारी सहित कंट्रोल रूम प्रभारी व साइबर क्राइम के अधिकारी ने इन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन अशोक तिवारी उर्फ बाबा पंडित के स्वजन व मोहल्ले के लोग तमाम आरोप लगा पुलिस को कोसते रहे। आरोप था कि पुलिस मंत्री के इशारे पर अमानवीय व्यवहार कर रही है। महिला सदस्यों, नाबालिगों के साथ पुलिस का व्यवहार सही नहीं था। हत्या के मामले में जिनकी पहचान हुई है, उन्हें पकड़ने के बजाए उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। यहां शोर-शराबा के बाद सभी पुन: कोतवाली पहुंच गए। यहां भी पुलिस को स्वजन कोसते रहे। बार-बार समझाने के बाद भी वे जाने को तैयार नहीं थे। फिनाइल की गोली पुलिस को दिखाकर जान देने की धमकी दी जा रही थी। इस बीच कोतवाली पहुंचे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, एसडीओपी व टीआई राहुल तिवारी ने इन्हें समझाइश दी, लेकिन ये नहीं माने। लगभग सवा दो बजे एक महिला जो घर की नौकरानी बताई जा रही है, वह पुलिस की नजर से बचकर बोतल में पेट्रोल लेकर पहुंची। युवती अपनी मां के साथ कोतवाली परिसर से बाहर यह कहते हुए निकली कि पापा से मिलकर आउंगी और यहीं जान दूंगी। इसके बाद स्कूटी के पास पहुंच वह बोतल का ढक्कन खोलकर अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेल ली। यहां मौजूद कोतवाली टीआई और महिला पुलिस अधिकारी, आरक्षक हरकत में आ गए और आत्महत्या का प्रयास करने वाली युवती सहित पेट्रोल लेकर आने वाली नौकरानी को हिरासत में लिया। थाने के सामने भारी भीड़ लग गई। इसके बाद पांच घंटे से चल रही ड्रामेबाजी पर विराम लग गया। कार्रवाई की बात सुनते ही युवती व स्वजनों के बोल बदल गए। जिस पुलिस पर कई आरोप लग रहे थे, कार्रवाई का नाम सुनते ही इनके हाथ जुड़ गए। पुलिस ने समझाइश देकर शाम को युवती व स्वजनों को छोड़ दिया। युवती ने पुलिस को बताया कि वह किसी के बहकावे में आकर थाने में हंगामा मचा रही थी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया-
महामाया मंदिर क्षेत्र के पास बीते चार जनवरी को कार सवारों पर हमले की घटना हुई थी, जिसमें कोतवाली अंबिकापुर में अपराध क्रमांक 15/22 धारा 307, 294 ,506, 323, 427, 341, 34 आइपीसी पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। मामले में पांच जनवरी को दो अपचारी बालकों को गिरफ्तार कर बाल न्यायालय भेजा गया है। आहत दीपक गुप्ता की मृत्यु रायपुर में 11 जनवरी को हो गई थी। इसके बाद प्रकरण में धारा 302 आइपीसी जोड़ी गई। तत्पश्चात पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा के द्वारा प्रकरण की सूक्ष्म विवेचना के लिए एक नई टीम का गठन किया। टीम ने घटनास्थल का पुन: बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण करने के पश्चात अन्य साक्ष्यों को पुन: संकलित कर तकनीकी रूप से विवेचना में सहयोग लिया एवं साक्षियों का न्यायालय में धारा 164 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत कथन कराया गया। प्रकरण की सूक्ष्म विवेचना एवं तकनीकी पहलुओं तथा साक्षियों के कथन के पश्चात प्रकरण में एक अन्य अपचारी बालक को 15 फरवरी को गिरफ्तार कर बाल न्यायालय भेजा जा चुका है। प्रकरण के एक अन्य आरोपित अशोक तिवारी उर्फ बाबा पंडित जो फरार हो चुका था, उसे बिलासपुर से गिरफ्तार कर 19 फरवरी को रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया।
बाबा पंडित को रिहा करने हंगामा मचाने के बाद कोतवाली के सामने युवती की आत्मदाह का प्रयास दीपक गुप्ता की हत्या के मामले में आरोपित पुत्रों के बाद एसआइटी की टीम ने पिता व एक नाबालिग को किया है गिरफ्तार

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