। महामाया पहाड़ पर कब्जा कर बसे लोगों को लेकर पिछले कुछ दिनों से सियासत देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन द्वारा पहाड़ पर अतिक्रमण के मामले की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह खुलासा हुआ कि 254 लोग पहाड़ पर अतिक्रमण कर रह रहे हैं। प्रशासन की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद भाजपा और कांग्रेस एक&दूसरे पर आरोप&प्रत्यारोप लगा रहे हैं। भाजपा कह रही है कि कांग्रेस ने वोट बैंक के लिए लोगों को महामाया पहाड़ पर बसाया है] जबकि कांग्रेस कह रही है कि भाजपा शासनकाल में लोग महामाया पहाड़ पर अवैध कब्जा कर बसे हैं। भाजपा मांग कर रही है कि महामाया पहाड़ से अवैध कब्जा हटाया जाए] जबकि कांग्रेस अवैध कब्जा खाली कराकर कब्जाधारियों को किसी अन्य जगह विस्थापित करने की बात कह रही है। इन सबके बीच वे परेशान हो रहे हैं जो कई वर्षों से महामाया पहाड़ पर कब्जा कर रहे हैं। गुरुवार को दर्जनों की संख्या में महामाया पहाड़ के समीप रह रहे लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप बेदखल नहीं करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा है कि वे वर्षों से महामाया पहाड़ में छोटी&छोटी झोपड़ी बनाकर निवासरत हैं। इनमें से कई आजादी के पहले से यहां रह रहे हैं। यहां रहने वाले अधिकांश बेहद निम्न आय वर्ग के लोग हैं। इन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के लोग राजनैतिक स्वार्थ साधने के लिए महामाया पहाड़ पर वर्षों से निवासरत लोगों को बेदखल करना चाहते हैं। महामाया पहाड़ में निवासरत लोग किसी राजनैतिक दल विशेष के नहीं बल्कि अलग&अलग दलों के समर्थक हैं] इसलिए उन्हें बेदखल करने तरह&तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। महामया पहाड़ से बेदखल न करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपने आए लोगों ने कलेक्टर को बताया है कि शहर के अवैध कब्जा को छोड़कर एकमात्र महामाया पहाड़ को टारगेट बनाना षड्यंत्र है। ऐसे में वे स्वयं व बट्टचों के भविष्य के लिए संवैधानिक मर्यादाओं के तहत आंदोलन करने बाध्य होंगे।
अभियान चलाकर हटाएं महामाया पहाड़ से अतिक्रमण
महामाया पहाड़ के अतिक्रमण को अभियान चलाकर हटाने एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर अतिक्रामकों व उनके संरक्षकों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करने हेतु मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर सरगुजा को भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ के जिला संयोजक कैलाश मिश्रा के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा है कि महामाया पहाड़ हमारी सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक धरोहर है। अतिक्रमण की जांच हेतु गठित टीम के प्रतिवेदन से स्पष्ट है कि राजनैतिक संरक्षण में भू&माफियाओं के योजनाबद्ध अतिक्रमण की होड़ से] इसके अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया है। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि निगम से संलिप्त तत्कालीन सभापति एवं वर्तमान में श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शफी अहमद] पूर्व पार्षद मो-फारुख] पार्षद फौजिया नाज इदरिशी का नाम जांच रिपोर्ट में सहयोगी के रुप में सामने आया है] जिससे स्पष्ट है कि पूर्व एवं वर्तमान विधायक व मंत्री टीएस सिंहदेव का इन्हें संरक्षण प्राप्त है] जिस कारण जिला प्रशासन भी महामाया पहाड़ को अतिक्रमण मुक्त करने का साहस दिखाने में लाचार है। महामाया पहाड़ से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर भाजपा ने स्थानीय घड़ी चौक पर हाथ में तख्ती लेकर एक घंटे तक सांकेतिक धरना&प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष ललन प्रताप सिंह] भारत सिंह सिसोदिया] प्रबोध मिंज] आलोक दुबे] मधुसुदन शुक्ला] दीपक सिंह तोमर] मुकेश तिवारी] नकुल सोनकर] प्रेमानंद तिग्गा] छोटू थामस] ममोल कोचेटा] शानू कश्यप] ममता पांडेय] भारतीय वैष्णव] सुषमा जायसवाल] नीरा सिंह] सीमा] सेत दास] उदर राजवाड़े] विनय त्रिपाठी] गोलू यादव] अनुज तिवारी] गणेश कश्यप] अंकित तिर्की] जय सिंह] रोहित कुशवाहा] सर्वेस तिवारी] वेदप्रकाश तिवारी] विशाल गिरी] सुभाष गुप्ता] प्रभात विश्वास] नेपाल यादव] योगेश सोनी] दीपक कोरवा झूले] अभिमन्यु तिवारी] अमित पांडेय] कृष्ण कुमार शर्मा] धनंजय दुबे] मलखान सोनी] पार्षद सुशांत घोष सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
महामाया पहाड़ पर अतिक्रमण मामले में राजनीतिक शुरू पहाड़ पर बसे लोगों ने की बेदखल न करने की मांग

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