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छत्तीसगढ़

बारात लेकर आए दूल्हे को बगैर दुल्हन के लौटना पड़ा बैरंग 1098 पर ट्रिन ट्रिन बजते ही मौके पर पहुंची बाल संरक्षण टीम ने बंजा में रोका बाल विवाह


सूरजपुर। बालिका को वधु बनाने की सभी रस्मे अदा की जा रही थी। बस इंतजार था सात फेरों का जिसके लिए सर पर सेहरा सजाए दूल्हा भी बजे गाजे व बारातियो के साथ बारात लेकर पहुंच चुका था। इस बीच किसी ग्रामीण ने अपनी जागरूकता का परिचय देते हुए 1098 की घण्टी खड़का दी। घंटी की ट्रिन ट्रिन पर मिली सूचना के बाद बिना देर किए तत्काल मौके पर बाल संरक्षण की टीम पहुंची और मशक्कत भरी समझाईस के बाद बारात लेकर दुल्हन लेने आये दूल्हे को बगैर दुल्हन के वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों में बाल विवाह रोकने के प्रति जागरूकता आने लगी है लोग नाम नहीं बताने की शर्त पर बाल विवाह रूकवाने के लिए सक्रिय नजर आ रहे हैं। बताया गया है कि ग्राम जूर बंजा बसदेई क्षेत्र मे एक नाबालिक का विवाह होने वाला है बारात आ गई है। यह सूचना जैसे ही 1098 पर प्राप्त हुई जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने संयुक्त टीम बनाकर बाल विवाह रोकने के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई महिला बाल विकास विभाग चाईल्ड लाईन सब सेन्टर ओड़गी एवं पुलिस विभाग चौकी बसदेई को मौके पर भेजा। जिसने जांच किया तो गया पता चला कि लड़की यहां पढ़ी ही नही है कोई शैक्षणिक दस्तावेज उनके पास नहीं है। प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक से सम्पर्क किया गया और शैक्षणिक दस्तावेज दाखिल खारिज पंजी का नकल मांगा गया जिसे शिक्षक द्वारा शैक्षणिक दस्तावेज देने पर पता चला कि बालिका अभी 17 वर्ष की भी नहीं हुई है।दोनो पक्ष को समझाईश दिया गया कि यदि यह विवाह हो जाता है तो दोनों पक्ष के बहुत लोगो को सजा हो जायेगी।  इस लिए विवाह को स्थगित किया जाये और बारात को बिना दुल्हन के ही वापस जाना पड़ेगा। दोनो पक्ष विवाह रोकने पर राजी नहीं थे दोनों पक्ष विवाह में बहुत खर्च हो जाने की बात कर रहे थे। टीम द्वारा विवाह रोकने पर डट जाने के बाद  दोनों पक्ष विवाह नहीं करने को राजी हुए। चाईल्ड लाईन द्वारा बालिका को बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत किया गया जहां से उन्हें अभी पढ़ने की समझाईश दी गई और जब उम्र हो जाये तब विवाह हेतु कहा गया। बाल विवाह रोकवाने में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल, अखिलेश सिंह बाल संरक्षण अधिकारी संस्थागत देखरेख जैनेन्द्र दुबे, जर्नादन यादव बसदेई प्रधान आरक्षक राहुल गुप्ता, सुरेश साहू, श्रीमती चन्द्रकला जायसवाल एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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