अंबिकापुर. युवती बचपन में खेलने के दौरान गिर जाने से उसका मुंह बंद हो चुका था। मुंह पूरी तरह नहीं खुलने के कारण वह सही से न तो बोल पाती थी और न खा पाती थी। १९ वर्ष बाद जब इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर पहुंची तो उसका सीटी स्कैन कराया गया जांच में पता चला की बे्रन व जबड़े का हड्डी जुड़ जाने के कारण उसका मुंह नहीं खुल पा रहा है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के दंत विभाग के चिकित्सक ने उसका ऑपरेशन कर १९ सालों की विकृति को दूर किया है।जानकारी के अनुसार सूरजपुर जिले के ग्राम धरतीपारा निवासी १९ वर्षीय सोनकुंवर पिता शिवबालक प्रजापति बचपन में गिर गई थी। इससे उसका मुंह बंद हो चुका था। वह सही से खा तक नहीं पाती थी और न ही बोल पाती थी। इससे उसके परिजन भी काफी परेशान रहते थे। किसी तरे उसे मुंह में ठूंस कर खाना खिलाते थे। कुछ दिन पूर्व परिजन उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर लाए। यहां दंत विभाग के डॉ. अभिषेक हरिश ने उसकी जांच की और उसका सीटी स्कैन करवाया। सीटी स्कैन में पाया गया कि बे्रन व जबड़े का हड्डी जुड़ जाने के कारण उसक मुंह पूरी तरह से नहीं खुल पा रहा है। डॉ. अभिषेक हिरश ने इसकी जानकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमएस डॉ. लखन सिंह को दी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कर इसकी विकृति को दूर की जा सकती है।
एनिसथिसिया देने में हो रही थी परेशानीडॉ. अभिषेक हरिश ने बताया कि युवती का मुंह नहीं खुलने के कारण उसे एनिसथिसिया देने में चिकित्सकों को परेशानी हो रही थी। डॉ. अभिषेक ने इसकी जानकारी ईएनटी विभाग के डॉ. हरिवंश को दी। डॉ. अरिवंश ने सांस नली से एनिसथिसया दिया और दो घंटे में डॉ. अभिषेक ने ऑपरेशन कर ब्रेन व जबड़े के हड्डी का ऑपरेशन कर अलग कर युवती का विकृति दूर करने का काम किया है।डॉ. अभिषेक हरिश ने बताया कि ऑपरेशन के बाद युवती पूरी तरह स्वस्थ्य है। उसका मुंह भी अब आम लोगों की तरह खुल रहा है और सही से बोल भी पा रही है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उसका ऑपरेशन आयूषमान कार्ड से नि:शुल्क किया गया है। यहीं ऑपरेशन निजी अस्पताल में काराने पर लगभग दो लाख से ज्यादा खर्च पड़ सकता था।
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