बैकुंठपुर/ कोरिया जिले के अन्यायपूर्ण व अतार्किक विभाजन को लेकर कोरिया बचाव मंच का विभिन्न माध्यमों से क्रमिक विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी कड़ी मंच का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को राजधानी रायपुर पहुंचा। जहां उन्होंने सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को दावा-आपत्ति का पुलिंदा सौंपा। जिसमें जनपद पंचायत खड़गंवा एवं 32 ग्राम पंचायतों के सामान्य सभा सहित 6500 व्यक्ति गत दावा-आपत्ति शामिल है। इस प्रतिनिधि मंडल में कोरिया बचाव मंच व सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले पंडित अनिल शर्मा, शैलेश शिवहरे, विजय सिंह ठाकुर व अन्य लोग शामिल थे। दावा-आपत्ति सौंपे जाने के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग छ.ग. शासन रायपुर को बताया कि छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) प्राधिकार से प्रकाशित राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभागमंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर, दिनाक:- 11 नवम्बर 2021 को सूचना क्रमांक एफ11-39/2021 / सात-4 के अनुसार कोरिया ज़िले का विभाजन कर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सृजन के नवीन जिला की सीमाए के संबंध में दावा-आपत्ति मंगाई गई थीं। जिसमें सूचना क्रमांक के अनुसार नवीन जिला मनेन्द्रगढ़- चिरमिरी भरतपुर के सीमा निर्धारण में निम्नानुसार आपत्ति है। कोरिया अनुसूचित जिला होने के कारण संविधान के पाँचवी अनूसूची क्षेत्र अन्तर्गत पंचायत का विस्तार अधिनियम 1996 (पेशा एक्ट) लागु है। तथा संविधान में अनुच्छेद 13,3 (क) के तहत रूढ़ी और प्रथा को विधि का बल प्राप्त होने के कारण ग्राम सभाओं और पारंपरिक ग्राम सभाओं को अपने क्षेत्र के विषय में निर्णय लेने का विशेषाधिकार प्राप्त है। विकासखण्ड खडगवां के 32 ग्राम सभाओं काप्रस्ताव, जनपद पंचायत खण्डगवा के सामान्य सभा का प्रस्ताव तथा पारंमपरिक ग्राम सभा का प्रस्तावअनुसूचित जिला कोरिया में यथावत रहने बावत् पास किया गया है। जो कि प्रकाशित राजपत्र के सीमानुसार ग्राम सभा के विशेषाधिकार का उल्लंघन है।जनपद व ग्राम सभाओं के नाम जिनके द्वारा कोरिया जिला में यथावत रहने बावत् प्रस्ताव पास किया गया है, जिसकी छायाप्रति आपकी ओर सादर प्रस्तुत है। जनपद पंचायत खड़गवा के सामान्य सभा का प्रस्तावग्राम पंचायतों का नाम निम्नानुसार है। जिसमें ग्राम पंचायत सकरिया, पटमा, सागरपुर, बंजारीडांड, गढतर, चिरमी, दुग्गी, गोविन्दपुर, टेडमा, गेजी, तोलगा, जिल्दा, बचरा, बैमा, धनपुर, छोटेसाल्ही, बड़ेसाल्ही, भरदा, मुगुम, लोटाबहरा, बोडेमुड़ा, छुरी, रतनपुर, गंगापुर, तामडांड, पोडी, अमका, सिंघत, बारी व बड़े कलुआशामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि कोरिया को विभाजित कर घोषित नवीन जिला मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर (MCB) का नोटिफिकेशन पूर्व में ही राजपत्र में कर दिया गया है। राजपत्र के अनुसार खड़गंवा ब्लाक को नवीन MCB ज़िले में शामिल किया है। राजपत्र के मुताबिक जिला कोरिया के उपखंड मनेन्द्रगढ़, तहसील मनेन्द्रगढ़ एवं केल्हारी, तथा
उपखंड भरतपुर तहसील भरतपुर तथा उपखंड खड़गवां- चिरमिरी, तहसील खड़गवां एवं चिरमिरी को समाविष्ट करते हुए, नवीन जिला “मनेन्द्रगढ़ -चिरमिरी-भरतपुर” का सृजन किया गया है।नवीन जिला की सीमाएं उत्तर में तहसील कुसमी, जिला सीधी एवं जिला सिंगरौली(म.प्र.) दक्षिण में तहसील पोडी उपरोडा जिला कोरबा एवं तहसील रामानुजनगर जिला सूरजपुर (छ.ग.) पूर्व में तहसील बैकुण्ठपुर एवं सोनहत, जिला कोरिया (छ.ग.) व पश्चिम में जिला गौरेला- पेंड्रा मरवाही (छ.ग.), अनुपपुर एवं शहडोल (म.प्र.) हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री ने की थी चार नए जिलों की घोषणा…
विदित हो कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 75वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश की जनता के नाम अपने संदेश के दौरानछत्तीसगढ़ राज्य में जिलों का पुनर्गठन करते हुए चार नए जिलों मोहला-मानपुर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ तथा मनेन्द्रगढ़ के गठन की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री का कहना था कि शासन को अतिम छोर तक पहुंचाने के लिए नये जिलो का गठन किया गया है। इस घोषणा के बाद से ही चिरमिरी, जनकपुर, खडगवा और जिलामुख्यालय बैकुंठपुर में लगातार जिला विभाजन को विभिन्न तरह के विरोधो को लेकर प्रर्दशनो का दौर चला जो कि चिरमिरी में कल कोविड के चलते स्थगित कर दिया गया है। अब कांग्रेसी भी यह मानने लगे हैं कि शासन के इस फैसले के बाद कोरिया जिले की तीनो विधानसभा को आगामी चुनाव पर मुख्यमंत्री ने दांव पर झोंक दिया है। भाजपा इसी बात से बेहद खुश है कि नये मनेन्द्रगढ़ जिले की घोषणा कांगेस की गले की फंस बन गई है। जिसमें मनेन्द्रगढ को छोड कोई भी क्षेत्र खुश नजर नही आ रहा है। हाल में हुए बैकुंठपुर व शिवपुर-चरचा में होने वाले नगरीय निकाय चुनावों में बहुमत होने के बाद भी इसका खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ा। इस पूरे प्रकरण में बैकुंठपुर विधायक व कांग्रेस के जिला नेतृत्व की कमजोरी भी सामने आई है।
उल्लेखनीय हैं कि कोरिया जिले का विभाजन कर नया मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला बनाने की घोषणा के बाद राज्य शासन ने कोरिया कलेक्टर से नवीन MCB जिले हेतु प्रस्ताव मांगा था । जिसके जवाब में कोरिया कलेक्टर नेछत्तीसगढ़ शासन को कोरिया जिला विभाजन को लेकर जो प्रस्ताव बनाकर भेजा था उसमें कलेक्टर द्वाराकोरिया एवं मनेंद्रगढ़ जिलों को चार-चार तहसीलो में विभाजित करने का प्रसताव बनाकर भेजा था। जिसमें कोरिया जिले के लिए बैकुंठपुर, सोनहत, खंडगवा व पटना को शामिल किया था। तो मनेंद्रगढ़ जिले के लिए जिन चार तहसीलों के नाम भेजे गए थे उसमें मनेंद्रगढ़, चिरमिरी, भरतपुर एवंकेल्हारी तहसील को शामिल किया गया था। जिसके बाद राज्य शासन ने कोरिया कलेक्टर श्याम धावडे के इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है एवं जिले का विभाजन विकासखंड स्तर पर करने की बात कही थी।
राज्य शासन ने यह मांगा था प्रस्ताव…
कोरिया जिले के जिला मुख्यालय बैकुंठपुर व चिरमिरी में चल रहीतमाम गतिविधियों को दरकिनार कर मुख्यमंत्री ने नए जिले के लिए प्रस्ताव मांगा था। उसमें प्रस्तावित नवीन जिला के गठन के संबंध में कुल जनसंख्या, कुल ग्राम, कुल पटवारी हल्का, कुल राजस्व निरीक्षक मंडल, मकबूजा रकबा हैक्टेयर की विस्तृत जानकारी, खातेदारों की संख्या, कुल ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय,राजस्व प्रकरणों की संख्या, कोटवार/पटेलो की संख्या तथा संभाग/जिला/प्रस्तावित नवीन जिला, का पृथक-पृथक नक्शा एवं एक संयुक्त नक्शा, जिसमे जिलो की सीमाएं चिन्हांकित हो। साथ ही जिला कार्यालय हेतु आवश्यक सेटअप एव उस पर होने वाले वेतन भत्ते तथा कार्यालय हेतु विभिन्न मदो में होने वाले आवर्ती एव अनावर्ती व्यय की संपूर्ण जानकारी अपने अभिमत सहितप्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया था। उक्त प्रस्ताव मिलने के बाद नए सिरे से राजपत्र में नोटिफिकेशन जारी किया गया है। खड़गंवा ब्लाक की 32 ग्राम पंचायतों द्वारा पांचवी अनुसूची के तहत ग्रामसभा में पारित कोरिया जिले में शामिल रहने के प्रस्ताव को दरकिनार कर प्रकाशित नोटिफिकेशन को देखते हुये कोरिया वासियों द्वारा दावा आपत्ति पेश की गई है। प्रतिनिधि मंडल का कहना कि राज्य शासन यदि कोरिया वासियों के साथ न्याय नही करता है तो वे हाईकोर्ट की शरण लेने से भी परहेज़ नही करेंगे।
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