बलरामपुर जिले के भीतर चुरा गांव में हाथियों के दल ने पंडो जनजाति के ग्रामीण पर हमला कर दिया जिसमें उसकी मौत हो गई। भीतर चुरा क्षेत्र में दर्जनों हाथियों का दल भ्रमण कर रहा है । क्षेत्र में बीते 2 दिनों से बारिश हो रही है बारिश की वजह से ग्रामीण के द्वारा बारिश के दौरान अपने गाय को बथान में बांधने गया था। जहाँ हाथियों के दल से उसका सामना हो गया। हथियो ने ग्रामीण पर हमला कर उसको कुचल दिया जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी लगते ही परिवार वालों का रो रो कर बुरा हाल हो गया वहीं क्षेत्र में दहशत व्याप्त हो गई। वहीं घटना की सूचना पर विधायक बृहस्पत सिंह पहुंचे जिन्होंने 10 हजार की आर्थिक सहायता राशि परिजनों को प्रदान की। वहीं वन विभाग द्वारा 25 हजार की आर्थिक सहायता राशि दी गई। जानकारी के अनुसार बीते 5 दिनों से हाथियों का दल धनवार क्षेत्र में आया है। वहीं मंगलवार की शाम हाथियों का दल गांव के गान्हे पहाड़ पर था जहां दरोगा पंडो अपने मवेशियों को बांधने जा रहा था। इसी दौरान हाथियों की चपेट में आ गया। हाथियों ने उसे सूंड में लपेट कर पटक दिया, इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं मृतक का बेटा १२ वर्षीय मंदीप व भतीजा १६ वर्षीय कमलेश भी गाय बांधने जा रहे थे, इस दौरान हाथियों का झुंड उनकी ओर बढ़ा तो दोनों ने भागकर अपनी जान बचाई। वहीं मृतक के शव को पहाड़ से बुधवार की सुबह ग्रामीणों ने नीचे उतारा। घटना की सूचना पर विधायक बृहस्पत सिंह पहुंचे जिन्होंने परिजनों को 10 हजार की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की। वहीं वन विभाग द्वारा 25 हजार की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई। विधायक की पहल पर घटनास्थल के नजदीक ही मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया। मृतक दरोगा पंडों के 6 लड़के एवं 1 लड़की हंै जो पढ़ाई नहीं कर रहे थे। अब इनकी पढ़ाई के साथ ही पालन-पोषण का जिम्मा विधायक बृहस्पत सिंह ने लिया। सिंह ने कहा कि सभी को बेहतर से बेहतर शिक्षा मिल सके यह सुनिश्चित कराया जा रहा है। वहीं उनके पालन पोषण की पूरी जवाबदारी भी हम लोग निभाएंगे। घटनास्थल पर विधायक के साथ एसडीएम गौतम सिंह सहित प्रशासनिक अमला भी पहुंचा था। धमनी रेंजर अजय वर्मा ने बताया कि 12 हाथियों का दल विगत 25 दिसंबर से क्षेत्र में है। हाथियों का दल धनवार पहाड़ में मंगलवार को आया जिसके बाद वन विभाग की टीम द्वारा पहाड़ में रहने वाले लोगों को नीचे ले आया गया था, मृतक अपनी गाय को बांधने शाम को गया था जो हाथियों के झुंड की चपेट में आ गया।
