0 प्रभारी सचिव ने किया चिरंजीवी कार्यक्रम का निरीक्षण
सूरजपुर। कुपोषण से सुपोषण हेतु जिला प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे चिरंजीवी सूरजपुर कार्यक्रम का बुधवार को जिले के प्रभारी सचिव पी दयानंद ने जायजा लेकर प्रशासन की सराहनीय पहल की तारीफ की है। जिले के दौरे पर रहे प्रभारी सचिव ने जिला मुख्यालय स्थित मंगल भवन में चलाए जा रहे चिरंजीवी अभियान में पहुंचकर कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने के लिए की गई तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिसमे दिए जा रहे पोषण आहार, बेड की व्यवस्था, वजन एवं हीमोग्लोबिन जांच की व्यवस्था सहित अन्य विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली। प्रभारी सचिव ने भर्ती बच्चों की माताओ से बात की और चिरंजीवी में उनके अनुभव से अवगत हुए। उन्होंने भर्ती किये गए बच्चों की जानकारी ली एवं कितने बच्चे व माता स्वास्थ्य लाभ पाकर स्वस्थ होकर घर गए है इसकी जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि चिरंजीवी सूरजपुर अभियान की शुरुआत से पूर्व जिले में महिला बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रुप से एक अभियान चलाकर जिले के 89 हजार बच्चों का हिमोग्लोबिन जांच किया गया था। जिसमें 7 ग्राम वाले बच्चों की संख्या 208 थी। इन 7 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन वाले बच्चों हेतु जिले में एनआरसी की बेड क्षमता केवल 30 होने के कारण 20 अक्टूबर से मंगल भवन में अभियान की शुरुआत की गई है। इसमें हितग्राहियों को रखकर उनके महिलाओं के साथ व्यवहार परिवर्तन साफ सफाई स्वच्छता पोषण आहार अच्छी आदतों का प्रशिक्षण दिया गया अब तक लगभग 228 बच्चे भर्ती हो चुके हैं जिसमें 197 बच्चों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। इसमें स्वास्थ्य विभाग महिला बाल विकास विभाग के प्रशिक्षकों के द्वारा जिले के सभी सरपंच आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को भी व्यवहार परिवर्तन के माध्यम से सुपोषण हेतु प्रयास के संबंध में प्रशिक्षित किया गया। इस अभियान के माध्यम से अब तक बच्चों के वजन में 5सौ ग्राम से लेकर 3 किलो तक की वजह में वृद्धि हुई है। इसी प्रकार 166 बच्चों में 3 ग्राम से अधिक हीमोग्लोबिन की विधि 34 बच्चों 7 बच्चों में 5 से 6 ग्राम की हिमोग्लोबिन में वृद्धि और 21 बच्चों में 2 ग्राम से कम ब्लॉगिंग की वृद्धि देखी गई है। इस अभियान के माध्यम से 68 पिछड़ा वर्ग के बच्चे एवं महिलाएं 4 सामान्य वर्ग के बच्चे हुए एवं महिलाएं 146 अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चे वह महिलाएं एवं 10 अनुसूचित जाति की महिलाएं व बच्चे लाभान्वित हुए हैं इसमें 11 विशेष पिछड़ी जनजाति पंडो के बच्चे एवं महिलाएं लाभान्वित हुई हैं यह कार्यक्रम में सामुदायिक सहभागिता भी शामिल है जिसके अंतर्गत कार्यक्रम में स्वैच्छिक रूप से कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह सिंह सहित अन्य लोगो का व्यक्तिगत व संगठन की ओर से सहयोग प्राप्त हुआ है। प्रभारी सचिव श्री दयानंद ने जिला प्रशासन के अभिनव पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की एवं कहा कि यह अभियान कुपोषण के विरुद्ध चलाया गया प्रभावी कार्यक्रम है पूरे प्रदेश में पहली बार सूरजपुर से इस तरह की पहल की गई है जो काफी सराहनीय है। इस दौरान कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह,जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग चंद्रबेस सिसोदिया, जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
