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छत्तीसगढ़

स्वच्छता के क्षेत्र में अंबिकापुर को मिली 5 स्टार रेटिंग, देश में दूसरा सबसे स्वच्छ शहर का भी अवार्ड


 नई दिल्ली के विज्ञान भवन में भारत सरकार आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप पुरी के हाथों महापौर ने ग्रहण किया अवार्ड प्रेरक दौड़ प्रतियोगिता में अंबिकापुर शहर को गोल्ड अनुपम अवार्ड भी मिला
अंबिकापुर. भारत सरकार द्वारा अंबिकापुर शहर  को स्वच्छता के क्षेत्र में फाइव स्टार रेटिंग के साथ ही प्रेरक दौड़ में गोल्ड नगर की उपाधि प्रदान की गई। वहीं 1 लाख से 10 लाख तक की जनसंख्या वाले शहरों में दूसरा सबसे स्वच्छ शहर के अवार्ड से भी सम्मानित किया।ये तीनों अवार्ड महापौर डॉ. अजय तिर्की ने भारत सरकार आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप पुरी के हाथों नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ग्रहण किया। गौरतलब है कि स्वच्छता के क्षेत्र में अंबिकापुर शहर का डंका पिछले 5 साल से देश में बज रहा है। भारत सरकार आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप पुरी द्वारा विज्ञान भवन नई दिल्ली में स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के परिणाम घोषित किए गए। इसमें अंबिकापुर को 5 स्टार गार्बेज फ्री सिटी से पुरस्कृत किया गया। यह पुरस्कार अंबिकापर महापौर, आयुक्त और ईई द्वारा ग्रहण किया गया। इसके अलावा अंबिकापुर को भारत सरकार द्वारा 5 स्टार शहर, प्रेरक दौड़ प्रतियोगिता में गोल्ड अनुपम नगर एवं 1 लाख से 10 लाख जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में देश का द्वितीय सबसे स्वच्छ शहर से भी पुरस्कृत किया गया। इस उपलब्धि पर नगर के समस्त नागरिकों, जनप्रतिनिधि, स्वच्छता दीदियां, निगम के अधिकारी-कर्मचरियों के सहयोग से अंबिकापुर को पुरस्कृत होने पर माननीय महापौर, सभापति एवं आयुक्त ने बधाई दी है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 कुल 6000 अंक का था, जिसमें 2400 अंक डॉक्यूमेंटेशन, डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन, 1800 अंक सर्टिफिकेशन एवं 1800 अंक सिटीजन फीडबैक के लिए था। 2020 सर्वेक्षण में कचरे का कलेक्शन एवं निपटान के साथ वेस्ट रिडक्शन हेतु अंबिकापुर में कई नवाचार किए गए। प्लास्टिक से दाना, सीमेंट प्लांट हेतु आरडीएफ, दीदी बर्तन बैंक, नेकी की दीवार का प्रयोग कर जनसहभागिता सुनिश्चित किया गया।इस सर्वेक्षण में अंबिकापुर द्वारा तरल अपशिष्ट प्रबंधन में नालियों के पानी के उपचार हेतु प्राकृतिक पद्धति का प्रयोग कर वाटर रिसाइकलिंग के क्षेत्र में कार्य किया गया। उपचारित जल का प्रयोग निर्माण कार्य एवं उद्यानों में किया जाता है। नगर के 36 सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों का सुदृढ़ीकरण कर बेहतरीन सुविधा सुनिश्चित की गई। स्वच्छता श्रृंगार योजना के माध्यम से समूह की दीदियों को रोजगार के साथ शौचालय संचालन की व्यवस्था की गई। वहीं नगर से निकलने वाले मल प्रबंधन हेतु एफएसटीपी प्लांट की स्थापना भी की गई।

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