सूरजपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त तत्वाधान में आजादी का अमृत महोत्सव पैन इण्डिया आउटरीच अभियान अन्तर्गत महिलाओं के अधिकारों के संबंध में एक दिवसीय विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन यहां जनपद पंचायत के सभा कक्ष में शुक्रवार को किया गया। कार्यक्रम में हेमन्त सराफ, जिला न्यायाधीश, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य आतिथ्य, श्रीमती प्रेरणा आहिरे, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , जिला कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रवेश सिंह सिसोदिया, आर. एस. सेंगर जनपद सीईओ की उपस्थित में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन कु. पुनिता देवांगन एवं श्रीमती सुषमा यादव तथा मनोज जायसवाल जिला बाल संरक्षण अधिकारी, श्रीमती इंदिरा चौबे महिला संरक्षण अधिकारी, श्रीमती चन्दा चक्रधारी, सुमेद्र मिज एवं राजेन्द्र प्रसाद, पैरालीगल वालेंटियर्स उमेश कुमार, सत्य नारायण, श्रीमती आशा गोंड, कु० तिजेश्वरी राजवाडे उपस्थित रहे।उक्त कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला न्यायाधीश हेमन्त सराफ के द्वारा कहा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर कानून की जानकारी दे सकती है। समाज में महिलाओं के विरूद्ध अपराध उनके भ्रूण में रहने के समय से ही प्रारंभ हो जाता है जो उनके जन्म लेने के बाद से मृत्यु तक विभिन्न स्तर पर अलग अलग व्यक्तियों द्वारा प्रताड़ित व शोषित की जाती हैं तथा अनेकों अपराध के शिकार हो जाते है। भारत में महिलाओं के लिए कई कानून बनाएं गये हैं जिससे महिलाओं को जागरूक कर अपराध से बचाया जा सकता है। प्रेरणा आहिरे द्वारा महिलाओं को उनके विरुद्ध अपराध को न सहते हुए उसके विरूद्ध आवाज उठाने व कार्यवाही करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। चन्द्रवेश सिंह सिसोदिया ने दत्तक ग्रहण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मनोज जायसवाल द्वारा बालिकाओं से संबंधित कानून के बारे में इंदिरा चौबे व चन्दा चक्रधारी द्वारा घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के संबंध में बने कानूनी जानकारी तथा पुनिता देवांगन एवं सुषमा यादव द्वारा कानून में उल्लेखित महिलाओं से संबंधित सभी अपराध व उनके दाण्डिक प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी एवं कार्यक्रम में महिलाओं से संबंधित शार्ट फिल्म गोमती और खुशी कार्यक्रम में उपस्थित आंगनबाडी कार्यकताओं को दिखाई गई। कार्यक्रम में मंच संचालन श्रीमती कविता मण्डल द्वारा किया गया।
