सूरजपुर। पटवारी की कारगुजारी से परेशान ग्रामीणों की शिकायत पर गंभीर जिला प्रशासन ने पटवारी को निलंबित कर दिया है बताया गया है की ओड़गी ब्लॉक के बिहारपुर चांदनी क्षेत्र में पदस्थ पटवारी को एसडीएम प्रकाश सिंह राजपूत ने ग्रामीणों की उस शिकायत पर निलंबित किया है जिसमे पटवारी ऋतु राज सिंह पर सार्वजनिक स्थल पर शराब पीने एवं अमर्यादित व्यवहार करने का आरोप लगाया गया था। क्षेत्र के लोगो ने उक्त पटवारी का शराब पीते हुए वीडियो बनाकर ना केवल वायरल किया था बल्कि जिला प्रशासन के अधिकारियों तक भी उक्त वीडियो भेजा था। बताया गया है कि क्षेत्र के किसान पटवारी की हरकतों से परेशान थे। गिरदावरी में अन्य फसल का उल्लेख कर दिया गया है। जिससे परेशान किसान पटवारी को खोज रहे थे परंतु उक्त पटवारी हल्का आने की बजाए इधर उधर घूम कर शराब का लुत्फ उठा रहे थे। किसानों ने तहसीलदार सहित जिला प्रशासन से जांच फसल का सत्यापन करने की गुहार लगाई थी जिसके बाद बुधवार की सुबह पटवारी ऋतुराज सिंह महुली पहुंचे थे जहां कथित रूप से पटवारी किसान रामचरण से बोहनी के नाम पर 5 हजार रुपये मांग रहे थे। किसान द्वारा 5 सौ रुपये देने पर उनकी त्रुटि सुधार दी और रकसगंडा में शराब पीने पहुंच गए उन्होंने इतनी शराब पी की उन्हें पकड़कर लाना पड़ा। जिससे अन्य किसान काफी परेशान थे ऐसे में परेशान किसानों ने उक्त पटवारी का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया और आला अधिकारियों को भी उक्त वीडियो भेज दिया था जिसे गंभीरता से लेते हुए भैयाथान एसडीएम प्रकाश सिंह राजपूत ने पटवारी ऋतुराज सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए ओड़गी मुख्यालय में अटैच कर दिया है। बिहारपुर क्षेत्र में लगातार जनसंवाद कर जिला प्रशासन लोगों की दिक्कतें कम करने की कवायद कर रहा है और आजादी के बाद यह पहला अवसर है जब कलेक्टर गौरव कुमार सिंह बिहारपुर क्षेत्र को बेहद संजीदगी से लेते हुए न केवल क्षेत्र की समस्या जानने अफसरों की तैनाती की है बल्कि समस्या का हर मुमकिन निराकरण करने का प्रयास भी किया है यही नहीं कलेक्टर खुद बिहारपुर जैसे दूरस्थ क्षेत्र में रात्रि विश्राम कर निचले स्तर के अधिकारी कर्मचारियों को यह संदेश दिया है कि उक्त क्षेत्र उनकी किस तरह की प्राथमिकताओं में है। बावजूद इसके निचले स्तर के अधिकारी कर्मचारी समझने को तैयार नहीं है और वही पुराने ढर्रे पर चल रहे हैं। जिससे जिला प्रशासन की छवि पर बट्टा लग रहा है। पिछले दिनों तो बिहारपुर में तैनात एक अन्य राजस्व अफसर के खिलाफ भी इस तरह की शिकायतें सामने आई थी। जिसमें पेशी में आए लोग दफ्तर के सामने मजमा लगाए बैठे थे और अफसर किसी और से सुरूर में थे। हालांकि इनकी शिकायत नहीं की गई थी इसलिए मामला तूल नहीं पकड़ पाया था।
