छत्तीसगढ़

देर से धान खरीदी कर किसानों के साथ धोखा कर रही प्रदेश सरकार : अखिलेश सोनी

अंबिकापुर।  भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। पत्रकारों को संबोधित करते हुए जिला भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सोनी ने कहा कि छतीसगढ़ी में बीजेपी के कार्यकाल में धान खरीदी 1 नवंबर से प्रदेश में शुरू कर दी जाती थी। लेकिन कांग्रेस सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है।  कांग्रेस सरकार पिछले वर्ष भी धान खरीदी लेट से शुरू की थी। इस वर्ष भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 1 दिसंबर से धान खरीदी की घोषणा की गई है। जबकि त्योहार का सीजन है और किसान की धान की फसल तैयार है और कटाई भी शुरू हो गई है। इस स्थिति में किसान ओने पौने दामों पर बिचौलियों के हाथों धान बेचने को मजबूर हैं।  उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार धान खरीदी इसलिए लेट से शुरु करती है ताकि किसानों का ज्यादा धान उन्हें न खरीदना पड़े।  कांग्रेस सरकार बिचौलियों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है और किसानों के साथ धोखा कर रही है। प्रदेश में धान के रकबे को गुपचुप ढंग से कम किए जाने की साजिश भी कांग्रेस सरकार रच रही है। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों पर दबाव भी डाला जा रहा है। वही केंद्र सरकार लगातार फसलों के एमएसपी में वृद्धि कर दी जा रही है लेकिन छत्तीसगढ़ के किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से भाजपा जिला अध्यक्ष ललन प्रताप सिंह, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष प्रबोध मिंज, भाजपा जिला महामंत्री अभिमन्यू गुप्ता, आलोक दुबे, मधुसूदन शुक्ला, भाजपा मीडिया प्रभारी संतोष दास सहित अन्य भाजपा नेता उपस्थित थे।जिला भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सोनी ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपने वादे के अनुसार धान 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल एकमुश्त तो नहीं ही दे पा रही है। ऊपर से केंद्र द्वारा हर वर्ष जो समर्थन मूल्य बढ़ाया जा रहा है उसका भी लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष केंद्र ने समर्थन मूल्य करीब 300 रुपए की वृद्धि की है। इस कारण प्रदेश के किसानों का धान 28 सौ रुपए प्रति क्विंटल खरीदना चाहिए।विभिन्न मांगों को लेकर भाजपा ने सौंपा ज्ञापनप्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा धान खरीदी 1 दिसंबर से किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके मद्देनजर सरगुजा भाजपा द्वारा राज्यपाल के नाम कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर धान खरीदी हर हाल में 1 नवंबर से प्रारंभ करने, धान की पूरी कीमत का भुगतान एकमुश्त करने,  पिछला बकाया भुगतान तुरंत करने, केंद्र सरकार द्वारा एमएसपी में लगातार की गई वृद्धि का लाभ किसानों को देने, गिरदावरी के बहाने रकबा कटौती पर पूरी तरह रोक लगाने, कांग्रेस की घोषणा के अनुरूप किसानों का पूरा धान खरीदने, घोषणा पत्र के किए गए वादे अनुसार किसानों को 2 वर्ष का बकाया बोनस दिए जाने की मांग की गई है।

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