प्रतापपुर / प्रतापपुर विकास खंड के ग्राम पंचायत जगन्नाथपुर के सीमा मे चौरा गोहगड नाला का अस्तित्व एसईसीएल महान 3 के अधिकारियों ने समाप्त कर दिया और करीब तीन किलोमीटर लंबी नदी , 2 स्टॉप डेम भी कोयला खोदने के चक्कर मे गायब कर दिया गया मौके पर निरीक्षण करने पहुचे जनपद अध्यक्ष जगतलाल आयाम उपाध्यक्ष प्रतिनिधि संजीव श्रीवास्तव जनपद सदस्य पटवारी राम ने बताया की जगन्नाथपुर ओसीपी ( महान 3 ) में एसईसीएल भटगांव ने बिना अनुमति के ही नदी को सुखा कर खोद दीया और चौरा गोहगड़ नदी मे बने दो स्टाप डेम थे दोनों स्टापडेम जो गोहगड़ नदी में जल संसाधन विभाग द्वारा बनाया गया था उसे एसईसीएल ने बिना अनुमति के तोड़ दिया है और विभाग इससे अनजान है
नदी का मार्ग परिवर्तित करने को लेकर न पर्यावरण विभाग और नहीं जल संसाधन विभाग से अनुमति कराया गया था इस नदी से आसपास के खेतों को सिंचित करने पानी का उपयोग लिया जाता था एसईसीएल ने जल संसाधन विभाग से मिलीभगत कर बहती नदी को सुखा कर खोद कर कोयला उत्पादन कर लिया इस मामले मे जलसंसाधन अधिकारियों की चुप्पी मामले में सवाल खड़े कर रही है की सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद आखिर एक बहती नदी की अस्तित्व कयो खत्म कर दिया उन्होंने कहा की अधिकारियों ने स्टॉप डेम और नदी का मार्ग परिवर्तन को लेकर अनुमति नहीं दी तो एसईसीएल आखिर मनमानी पर कयो उतारु है गोहगढ़ प्राकृतिक नदी है जिसमें हमेशा पानी प्रवाहित होता है जो खेती के काम आता था।बिना अनुमति स्टाप डेम तोड़ने और नदी से छेड़छाड़ के मामले मे दोषी अधिकारियों के उपर आपराधिक कृत्य का मामला दर्ज होना चाहिए और हम शीघ्र ही इस पुरे मामले मे कलेक्टर सुरजपुर से मिलकर इस मुद्दे पर चर्चा करेगे और आंदोलन करके उत्पादन और परिवहन रोके देगे जबतक दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही नही नही होगी इस लडाई को अंतिम रुप मे ले जाऐगे
गायब हो गई चौरा गोहगड नदी…दो स्टाप डेम एसईसीएल जगन्नाथपुर ओसीपी (महान 3).मे मौके पर पहूचे जनपद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष प्रतिनिधि की दो टुक एसईसीएल अधिकारियों पर नही हुई कार्यवाही तो रोक देगें उत्पादन और परिवहन कलेक्टर से मिलकर करेंगे शिकायत

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