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छत्तीसगढ़

शहर से सटे ग्रामों में पहुंचा २७ हाथियों का दल, दहशत में लोगप्रशासन, पुलिस व वन अमला निगरानी में जुटा, पूरे दिन विचरण करता रहा हथियों का दल


अंबिकापुर। 27 हाथियों का दल सोमवार सुबह शहर सीमावर्ती गाँव सुन्दरपुर पहुंच गया। इससे लोगों में दहशत का वातावरण निर्मित हो गया। वहीं हाथियों को देखने लोगों की भीड़ जमा हो गई। हाथियों के शहर के करीब मौजूदगी की खबर जैसे ही वन विभाग को लगी वन विभाग का अमला मौके पर पहुंच गया और हालत को काबू करने में जुट गया। माईक से वन विभाग के कर्मचारी लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने की मुनादी करते नज़र आए। सूत्रों के हवाले से 27 हाथियों का यह दल रात के समय ग्राम मेन्ड्राकला से जगदीशपुर होते जिला मुख्यालय से 6 किलोमीटर दूर सुन्दरपुर पहुँच गया था। वन विभाग ने अब इस दल को ग्राम कंठी के जंगलों की ओर खदेडा जा रहा है। खबर लिखे जाने तक सिर्फ खेतों में लगे फसलों के क्षति के अलावा  अन्य नुकसान की खबर नहीं है। इसकी पुष्टी अंबिकापुर रेंजर गजेन्द्र दोहरे ने की है।सरगुजा संभाग में हाथियों का उत्पात जारी है। हाथियों का कई दल टुकड़ों में संभाग में विचरण कर रहा है। सरगुजा जिले की बात करें तो लुंड्रा ब्लॉक में हाथियों का दल उत्पात मचा रहा है। इसी बीच सोमवार की सुबह 2७ हाथियों का नया दल अंबिकापुर-बिलासपुर मार्ग पर शहर से लगे ग्राम लब्जी में पहुंच गया। फसलों को रौंदते हुए लब्जी से निकलकर हाथी सुंदरपुर फूटामुड़ा तालाब के पास सुबह सात बजे पहुंचे। यहां के ग्रामीणों की नजर पड़ी तो सभी डर गए और वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। सीसीएफ अनुराग श्रीवास्तव, डीएफओ पंकज कमल, जिला प्रशासन व पुलिस विभाग की टीम ने ग्राम सुंदरपुर पहुंच कर सबसे पहले ग्रामीणों को गांव से बाहर निकाला। इसके बाद हाथियों का दल अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग को पार कर जगदीशपुर चिटकीपारा पहुंचे। जगदीशपुर स्थित पंडोपारा में एक जलाशय के पास हाथियों के दल ने आराम करने के लिए डेरा जमा दिया। जगदीशपुर स्थित पंडोपारा में जलाशय के पास हाथियों के दल ने आराम करने के लिए डेरा जमा लिया। यहां हाथी घंटों बैठे रहे। इधर हाथियों पर निगरानी बनाए रखने के लिए वन अमले के साथ जिला प्रशासन व पुलिस की टीम भी डटी रही।  एसपी अमित तुकाराम कांबले व एएसपी विवेक शुक्ला ने भी मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने व छेड़छाड़ न करने के निर्देश दिए। इधर घंटों आराम करने के बाद हाथियों का दल शाम को पुन: दरिमा रोड होते हुए मानिकप्रकाशपुर की ओर से शहर से सटे सांड़बार बेरियर के पास पहुंच गया। इस दौरान एनएच १३० पर आवागमन को कुछ देर के लिए रोक दिया गया। 
मोबाइल से वीडियो व फोटो लेते रहे लोगहाथियों के बड़े दल के शहर के नजदीक आने की सूचना पर हड़कंप मच गया। जिस-जिस क्षेत्र से हाथियों का दल गुजरा वहां के ग्रामीण दहशत में देखे गए। वहीं युवा वर्ग के लोग हाथियों का फोटो व वीडियो बनाने के लिए हाथियों के पीछे दौड़ते रहे। जिला प्रशासन द्वारा लाख समझाइश देने के बाद भी लोग नहीं माने। लोगों की भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन व वन अमले को काफी मशक्कत करना पड़ा। इस दौरान शहरवासी भी चिंतित व दहशत में रहे कि कहीं हाथियों का दल शहर में न प्रवेश कर जाए।सीसीएफ अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि हाथियों के व्यवहार में लगातार परिवर्तन देखा जा रहा है। लखनपुर क्षेत्र से २७ हाथियों का दल शहर के नजदीक पहुंच चुका है। हाथी अब नए-नए जगहों की तलाश कर ररहे हैं। ताकि उस रास्ते को हाथी समझ सकें। वन अमले द्वारा पुलिस व जिला प्रशासन की टीम की मदद से हाथियों पर निगरानी रखी जा रही है। वे धीरे-धीरे चेंद्रा जंगल की ओर निकल जाएंगे।  रविवार को मोहनपुर में एक हथिनी में रेडियो कॉलरिंग की गई है।

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