प्रतापपुर। सूरजपुर वन मंडल के प्रतापपुर वन परीक्षेत्र में राज्य कैंपा निधि के तहत वर्ष 2020 -21 मे वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत 8 जगहो पर 550 हे. मे लैटींना उन्मूलन का कार्य होना था। जिसके लिए राज्य शासन द्वारा ₹47 लाख की राशि स्वीकृत की गई थी लेकिन तत्कालीन रेंजर द्वारा बिना काम कराए आधे से अधिक राशि फर्जी वाउचर बनाकर गबन कर लिया गया था। जिसकी शिकायत सूरजपुर कलेक्टर द्वारा चलाए जा रहे जनसंवाद कार्यक्रम मे प्रतापपुर के शिवपुर मे आवेदक जिसान खान द्वारा किया गया था। जिस पर कलेक्टर डॉ सिह ने एक माह के अंदर जांच कर कार्रवाई करने को कहा था। लेकिन जनसंवाद की स्थिति यह है कि 1 एक माह बीतने के बाद भी शिकायत की कॉपी वन परीक्षेत्र प्रतापपुर से वन मंडल कार्यालय सूरजपुर नहीं पहुंच पाई है।इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सूरजपुर जिले के अधिकारी द्वारा चलाए जा रहे जनसंवाद कार्यक्रम को कितनी गंभीरता से लेते हैं। हाथी मामले में हटाए जाने के बाद भी लगातार पूर्व रेंजर प्रतापपुर वनपरिक्षेत्र में आकर पुराने कार्यों का बिल बाउचर बना कर वन मंडल के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर राशि गबन करने पर उतारू है। वहीँ इस सबंध मे जानकारी लेने पर नए रेंजर ने कहा की मै प्रशिक्षु एस डी वो हूँ मुझे इस सबंध मे कोई जानकारी नही है।
वन विभाग के फर्जी लैटींना उलमुलन की जांच हेतु वनपरिक्षेत्र से वन मंडल नही पहुंचा दस्तावेज 0 जनसंवाद में कलेक्टर ने एक माह में जांच हेतू दिए थे निर्देश

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