, स्वास्थ्य व स्वच्छता के महत्व से करा रहे हैं अवगत
राजनाथ की पुत्री को स्कूल व छात्रावास में मिला दाखिला, अन्यों को भी स्कूल जाने के लिए किया जा रहा है प्रोत्साहित
समाधान व स्वास्थ्य शिविर में लाभान्वित हो रहे हैं पण्डो व पहाड़ी कोरवा परिवार, शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने 1326 लोगों को बांटे आयुष्मान कार्ड, 400 पहाड़ी कोरवा सदस्यों को मिला आयुष्मान कार्ड
बलरामपुर। जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय को शिक्षित, पोषित और शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने तथा मुख्य धारा से जोड़ने के लिए प्रशासन निरंतर प्रयासरत् हैं। शिक्षा से जागरूकता के संकल्प के साथ प्रशासन डोर-टू-डोर सर्वे कर पण्डो व पहाड़ी कोरवा परिवारों की स्वास्थ्य जांच व उपचार के साथ ही अन्य बुनियादी जानकारियां एकत्रित कर रही हैं। कलेक्टर के निर्देश पर विभागीय अमला विशेष पिछड़ी जनजाति बसाहटों में लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य व स्वच्छता के महत्व से अवगत कराते हुए उन्हें स्कूल व स्वास्थ्य केन्द्र में दी जाने वाली सुविधाओं तथा उससे होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दे रहा है। पिछले दिनों कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार द्वारा पण्डो व पहाड़ी कोरवा बाहुल्य इलाकों का भ्रमण कर अधिकारियों को निर्देशित किया था कि उक्त सामुदाय के बच्चों को स्कूल, आंगनबाड़ी तथा अन्य शासकीय संस्थानों से जोड़कर उन्हें लाभान्वित किया जाये। ग्राम बरवाही के भुसड़ियापारा में मृतक पण्डो परिवार के परिजनों से मुलाकात के दौरान कलेक्टर श्री कुमार ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक की बेटी को तत्काल स्कूल व छात्रावास में भर्ती करने के निर्देश दिये थे। जिस पर अमल करते हुए अधिकारियों ने मृतक राजनाथ पण्डो की पुत्री कुमारी पानपती को स्कूल व छात्रावास में दाखिला दिलवाया है। साथ ही कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि सर्वे से प्राप्त जानकारी के अनुसार पण्डो व पहाड़ी कोरवा परिवारों के ऐसे बच्चे जो बीच में पढ़ाई छोड़ चुके है या स्कूल नहीं जा रहे हैं उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित किया जाये तथा आवश्यकतानुसार आश्रम छात्रावास में भर्ती करने की व्यवस्था करें। साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों, पण्डो समाज प्रमुखों, अधिकारियो, मीडिया के साथियों और आमजनों से अपील करते हुए कहा कि वे भी प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए अपना योगदान दें क्योंकि विषय जागरूकता से भी जुड़ा हुआ है, जिसमें सभी की भागीदारी जरूरी होगी। हम सभी के समन्वित पहल और सक्रियता से ही विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय को मुख्य धारा से जोड़ने के प्रयास में सफल हो पायेंगे।
घर-घर पहुंच रहा है प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण के लिए हो रही है विशेष पहल
शासन की योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं पण्डो व पहाड़ी कोरवा परिवार, बन रहा आयुष्मान कार्ड-लग रहे हैं कोविड के टीके
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देश पर प्रशासनिक अमला पण्डो और पहाड़ी कोरवा परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाएं व राहत पहुंचाने के उद्देश्य से सक्रियता के साथ जुट गया है। तात्कालिक व दीर्घकालिक दोनों ही स्थितिय को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की कार्ययोजना पर मैदानी अमले के अधिकारी कार्य कर रहे हैं। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की अगुवाई में विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों की टीम साथ मिलकर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं से लाभान्वित करने के उद्देश्य से विशेष पिछड़ी जनजाति पण्डो व पहाड़ी कोरवा को केन्द्रित कर समाधान शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। शिविरों के माध्यम से तत्काल समस्याओं का निराकरण और जरूरतमंदों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। अस्पताल भेजे जाने वाले मरीजों की सहायता के लिए भी विशेष अधिकारी नियुक्त कर जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इसके साथ-साथ शिविर के माध्यम से पहाड़ी कोरवा व पण्डो परिवार के सदस्यों को कोविड के टीके लगाए जा रहे हैं तथा आयुष्मान कार्ड हेतु पंजीयन कराया जा रहा है। विकासखण्ड कुसमी के ग्राम पंचायत चैनपुर में 1326 लोगों का आयुष्मान कार्ड बनकर आ गया है, जिसमें 400 पहाड़ी कोरवा सदस्यों के कार्ड भी शामिल हैं, वहीं अन्य लोगों को भी इन योजना से जोड़ने की कवायद जारी है। कलेक्टर स्वयं कार्ययोजना के अनुरूप स्थिति की निरंतर समीक्षा तथा अधिकारियों के साथ मिलकर टीम के रूप में कार्य करने के संकल्प को दोहरा रहे हैं।
विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय मुख्य धारा से जोड़ने के लिए प्रशासन निरंतर प्रयासरत् विभागीय अमला विशेष पिछड़ी जनजाति बसाहटों में लोगों को शिक्षा

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