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छत्तीसगढ़

आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़कर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना शासन-प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल – कलेक्टर धावड़े

कलेक्टर ने दिए निर्देश, जिले में शुरू होगा बिहान हाट

कोरिया – जिले में बिहान के अंतर्गत स्वसहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को आजीविकामूलक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनकी आय संवर्धन करना शासन-प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है। जिससे महिलाएं स्वावलंबी बने और अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में अपना योगदान दे सकें। कलेक्टर श्याम धावड़े ने आज जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान के तहत आयोजित बैठक में उक्त बातें कही। बैठक में बिहान के अंतर्गत गठित स्वसहायता समूहों की सामूहिक एवं व्यक्तिगत आजीविका गतिविधि से अर्जित आय का विश्लेषण किया गया। साथ ही समूह सदस्यों की आय को बढ़ाने हेतु कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

कलेक्टर ने स्वसहायता समूह की महिलाओं के आय संवर्धन और प्रोत्साहन के लिए जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में बिहान हाट शुरू करने के निर्देश दिए। बिहान हाट या बिहान बाजार स्थापित होने से स्वसहायता समूह की महिलाओं के उत्पादों को बाजार मिल सकेगा। उनके उत्पादों को पहचान मिलेगी और लोगों तक उनके उत्पादों का प्रचार-प्रसार होगा।

कलेक्टर श्री धावड़े ने बैठक में जिले में काम कर रहे स्वसहायता समूहों एवं उनके द्वारा की जा रही गतिविधियों की जानकारी ली। एनआरएलएम बिहान के जिला मिशन प्रबंधक श्री रामेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में 65 हज़ार परिवारों को बिहान के तहत स्वसहायता समूह में जोड़ा गया है। इनमें से 41 हज़ार से अधिक परिवार ऐसे हैं, जो किसी ना किसी आजीविका मूलक गतिविधि से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में स्वसहायता समूह की महिलाओं के आय विश्लेषण हेतु सैंपलिंग सर्वे विधि का उपयोग किया गया जिसमें पांच उत्कृष्ट और 5 औसत आजीविका के सामूहिक और व्यक्तिगत सदस्य का चयन किया गया।

सर्वे से प्राप्त निष्कर्ष के आधार पर उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत आजीविका से प्रति सदस्य 24 से अधिक की मासिक आय अर्जित की जाती है। और सामूहिक आजीविका में 7 हज़ार से अधिक प्रति सदस्य मासिक आय अर्जित होती है। उन्होंने बताया कि जिले में महिला समूहों द्वारा वर्मी खाद निर्माण, संवहनीय कृषि के अंतर्गत जैविक खेती, ट्री गार्ड निर्माण, पोल निर्माण, चौन लिंक फेंसिंग, सामुदायिक बाड़ी, किराना दुकान संचालन, झाड़ू निर्माण, सिलाई कार्य, पेवर ब्लॉक, स्लीपर निर्माण, मत्स्य पालन, गोबर से बने उत्पाद निर्माण जैसे विभिन्न आजीविका संचालित की जा रही है। जिससे आर्थिक मजबूती के साथ ही उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता आई है। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कुणाल दुदावत, एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक, तथा डीपीएम और बीपीएम उपस्थित रहे।

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