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छत्तीसगढ़

वर्मी खाद के उपयोग से धान की बंपर पैदावार रासायनिक खाद की तुलना में 32 फीसदी तक अधिक उपज

अम्बिकापुर 5 अगस्त 2021/सरगुजा जिले के गोठानो में निर्मित वर्मी खाद के उपयोग से धान की बंपर पैदावार ने किसानों को वर्मी खाद के प्रति विश्वास बढ़ाया है। रासायनिक और वर्मी खाद के उयोग के बाद धान की तुलनात्मक खेती से पता चला है कि रासायनिक खाद की तुलना में वर्मी खाद से 8 से लेकर 32 फीसदी तक धान की अधिक उपज हुई वही मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार के साथ मिट्टी भुरभुरी हुई है। वर्मी खाद के उपयोग से फसलों में खरपतवार कम आये।फसलों में रोग कम लगे। मिट्टी में नमी बनी रही।
गोधन न्याय योजनांतर्गत जिले में संचालित गौठानो में स्व सहायता समूहों के द्वारा तैयार वर्मी कम्पोस्ट की प्रयोगशाला में गुणवत्ता परीक्षण के पश्चात राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा के मार्गदर्शन में किसानों को ग्रीष्मकालीन धान उत्पादन में वर्मी कम्पोस्ट के प्रयोग कर धान उत्पादन में रासायनिक खाद पर निर्भरता कम कर जैविक खेती हेतु प्रोत्साहित किया गया था। कृषि विभाग के अधिकारियों और वैज्ञानिको के निर्देशानुसार जिले के सभी 07 विकासखण्ड में भूमि के प्रकार,मिट्टी के गुणवत्ता परीक्षण एवं किसानों के द्वारा धान के विभिन्न प्रजाति के उत्पादन के आधार पर (स्थानीय एवं उन्नत किस्मो) जिले के 35 कृषको का चयन कर 16.9 एकड़ भूमि में वर्मी कम्पोस्ट से खेती एवं 14 एकड़ में विभिन्न रासायनिक खाद से धान की खेती कर किसानों के द्वारा ही तुलनात्मक खेती करवाया गया। इस प्रयोग में सरगुजा के जलवायु एवं मिट्टी के आधार पर उपयुक्त धान की प्रजाति बासपत्ती, साठिया, जवाफूल, कावेरी, कलिंगा, सुप्रिया, कबीर, अंकुर, आई.आर-36, एम.टी.यू-10-10, एडवांटा, स्टार-756 जैसे 12 प्रजाति के स्थानीय और उन्नत किस्मो के धान का चयन किया गया था।
किसानों को यह हुआ लाभ – वर्मी कम्पोस्ट की खेती से किसानों को उत्पादन में 8 से 32 प्रतिशत तक लाभ हुआ है। लुंड्रा विकासखण्ड के सेमरडीह के किसान श्री कहकू को धान के उत्पादन में रासायनिक खाद की तुलना में 30 फीसदी’ से अधिक उत्पादन हुआ है। सेमरडीह के इस किसान को फसल कटाई परीक्षण के आधार पर वर्मी कम्पोस्ट से 52.44 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से उत्पादन और रासायनिक खाद से 37.36 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से उत्पादन प्राप्त हुआ। बतौली विकासखण्ड के उमापुर गांव के किसान श्री महेश्वर राम को वर्मी कम्पोस्ट से धान उत्पादन में धान के फसल में 49 कंशे तक मिले।
इन गांवों के किसानों का किया गया था चयन- अम्बिकापुर विकाखण्ड के ग्राम खैरबार,
बतौली विकाखण्ड के ग्राम उमापुर, बोदा, मंगारी, टेडगा, कुनकुरी, लखनपुर विकाखण्ड के ग्राम करई, लुंड्रा विकाखण्ड के ग्राम दोरना, करगीडीह, सेमरडीह,ककनी, बरडीह मैनपाट विकाखण्ड के ग्राम चिड़ापारा, खड़गाँव, नर्मदापुर, सीतापुर विकाखण्ड के ग्रामबेलगांव, राधापुर, सुर, पेटला, ढोंढागांव एवं उदयपुर विकाखण्ड के ग्राम सायर एवं बुले का चयन किया गया था।

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