अम्बिकापुर 27 जुलाई 2021/कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक राजीव गाँधी शिक्षा मिशन श्री संजीव झा के मार्गदर्शन में जिला स्तर पर 24 एवं 26 जुलाई को दो चरणों में समस्त बीआरजी एवं सीएसी कुल 178 लोगों का वर्चुअल एक दिवसीय प्रशिक्षण जिला मिशन समन्वयक डॉ. संजय सिंह एवं जिले के एपीसी रविशंकर तिवारी की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत रविशंकर तिवारी के द्वारा कार्यक्रम की रुपरेखा, उद्देश्य बताकर किया गया। श्रीमती अनीता तिवारी एवं श्रीमती प्रमिला कुशवाहा डीआरजी के द्वारा अंगना मा शिक्षा कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया गया। अंत में डीएमसी सर्व शिक्षा अभियान डॉ संजय सिंह ने सभी शिक्षकों को अपने क्षेत्र में इस योजना को बेहतर तरीके से क्रियान्वयन कर सभी माताओं को जागरूक करते हुए कोरोना प्रकोप के कारण उत्पन्न हुई इस बिसम परिस्थिति में भी शिक्षा के मुख्यधारा में जोडे रखने की अपील की है। उन्होंने समस्त अभिभावकों एवं माताओं से बच्चों को खेल-खेल में ही शिक्षाप्रद कविता, कहानी एवं अन्य रोचक तरीके से उनके बौद्धिक स्तर को बढाने हेतु सभी आवश्यक प्रयास किये जाने की अपील की है।
पिछले शिक्षा सत्र में छोटे बच्चों को घर पर रहकर सिखाने हेतु अंगना मा शिक्षा कार्यक्रम राज्य की 11 स्वप्रेरित महिला शिक्षिकाओं द्वारा शुरु किया गया था, जो फरवरी से अप्रैल तक पूरे राज्य में स्वस्फूर्त संचालित हुआ और बहुत ही सफल रहा। जिसमें 5 से 8 आयु वर्ग के बच्चों की आधारभूत दक्षताओं कौशलों संवारने हेतु उनकी माताओं को शिक्षक के रूप में कार्य करने हेतु प्रशिक्षित किया गया था। इस सत्र में भी इस कार्यक्रम को विस्तार देते हुए समस्त प्राथमिक शालाओं, आंगनबाड़ी के बच्चों को लाभ दिलाने हेतु पुनः आरंभ किया गया है । दिनांक 19 एवं 22 जुलाई को राज्य स्तरीय वेबिनार एवं प्रशिक्षण के द्वारा छत्तीसगढ़ के समस्त ज़िलों के डीआरजी को प्रशिक्षित किया गया। सरगुजा जिले से भी 10 डीआरजी राज्य से प्रशिक्षित हुए। इस कार्यक्रम को गति देते हुए इस बार यह कार्यक्रम अपने बदले स्वरूप के साथ कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी मोहल्ला कक्षाओं, ग्रामों, विद्यालयों में कराया जाएगा। जिले के प्रशिक्षण पश्चात अगले चरण में बीआरजी अपने स्कूल, संकुल की कक्षा 1, 3 में पढ़ने वाले बच्चों एवं उनकी माताओं तक 10 से 12 गतिविधियां पहुंचाई जाएंगी जिनकी सहायता से माताएं घर में उपलब्ध संसाधनों से अपने बच्चों को गणितीय, भाषाई, स्वच्छता, कोरोना सुरक्षा, व्यक्तिगत परिचय ,सरल प्रयोग आदि दक्षताएं विकसित करने में समर्थ हो सकेंगी। इसके साथ ही जिन माताओं के पास स्मार्टफोन फोन है, उन्हें ग्रुप में जोड़कर स्रोत व्यक्ति ओंनलाइन गतिविधियों के वीडियो, ऑडियो आदि उपलब्ध कराएंगे। इस तरह से माता उन्मुखीकरण के द्वारा नौनिहालों के भविष्य बेहतर करने के उद्देश्य से अंगना मा शिक्षा की अनूठी पहल छत्तीसगढ़ राज्य में की गई।
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