अम्बिकापुर 10 जुलाई 2021/राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायधीश श्री आर.बी.घोरे के निर्देशानुसार शनिवार को जिला एवं तहसील स्तर पर गठित 14 खण्डपीठों के माध्यम से राजीनामा के आधार पर 340 प्रकरणों का निराकरण किया गया। प्रीलिटेगशन के 258 लंबित प्रकरण में कुल 15 लाख 93 हजार 530 रूपाए का समझौता एवार्ड पारित किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सरगुजा द्वारा शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में 40 वर्ष पुराना राजस्व मामले का निपटारा किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री जर्नादन खरे ने बताया कि भूमि संबंधी विवाद को लेकर राम दुलार चौधरी पिता शिबोधी चौधरी के द्वारा वर्ष 1980 में शिवमंगल सिंह के विरूद्ध व्यवहार न्यायलय के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण में शिबोधी चौधरी ने वर्ष 1975 में भूमि क्रय की थी। उसी भूमि को शिवमंगल सिंह के द्वारा क्रय कर उस पर नामांतरण कराकर काबिज हुआ जिसके फलस्वरूप उनके मध्य भूमि के स्वत्व एवं कब्जा संबंधी व्यवहार वाद संचालित हुआ। व्यवहारवाद के लंबन काल में उभय पक्ष श्री शिबोधी चौधरी एवं शिवमंगल सिंह की मृत्यु होने के पश्चात् उनके उŸाराधिकारीगण प्रकरण में पक्षकार बनकर प्रकरण संचालित किए। मामला व्यवहार न्यायालय के समक्ष 35 वर्षों तक संचालित रहा है और वर्ष 2015 में व्यवहार न्यायालय के द्वारा प्रकरण का निराकरण स्व शिबोधी चौधरी के उŸाराधिकारियों के पक्ष में फैसला सुनाया गया, जिसके विरूद्ध स्व. शिवमंगल सिंह के उŸाराधिकारियों के द्वारा वरिष्ठ न्यायालय पंचम अपर जिला न्यायाधीश अम्बिकापुर के समक्ष अपील प्रस्तुत की गई। अपील के निराकरण के लिए उभय पक्षों के मध्य समझौता की बात-चीत हुअ संबंधित न्यायालय के द्वारा उभय पक्ष को समझाईश दी गई। उभयपक्षों को पीठासीन अधिकारी द्वारा समझाईश तथा आपसी बातचीत पर समझौता के आधार पर नेशनल लोक अदालत में 40 वर्ष पुराना प्रकरण का निराकरण हुआ। इसी प्रकार खरसिया चौक अम्बिकापुर निवासी आरोपी शमशाद तथा अन्य ने प्रार्थी के बहनोई मजिद के साथ जमीन को लेकर हुए वाद-विवाद को लेकर अभियुक्तगण के विरूद्ध 2015 में अपराध पंजीबद्ध किया गया था। 6 वर्षों से लंबित इस प्रकरण का भी नेशनल लोक अदालत में समझौता के माध्यम से निराकरण कराया गया।
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