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छत्तीसगढ़

वृक्षारोपण में जिले को अग्रणी बनाने मैदानी स्तर पर हो योजना का क्रियान्वयन- कलेक्टर साप्ताहिक समय सीमा की ऑनलाइन बैठक सम्पन्न

 अम्बिकापुर 1 जून 2021/कलेक्टर श्री संजीब कुमार झा ने कहा है कि  सरगुजा जिले में वृक्षारोपण की असीम संभावनाएं है जिससे किसानों को जोड़कर लाभ पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 1 जून से पूरे प्रदेश में लागू मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन में सरगुजा को अग्रणी जिला बनाने की सोच में साथ  मैदानी स्तर पर काम करना होगा।कलेक्टर ने यह निर्देश मंगलवार को ऑनलाइन आयोजित साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए।

कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के जिले में उत्कृष्ट क्रियान्वयन हेतु वन विभाग वन मंडल के सभी 29 सर्किलवार वृक्षारोपण के लिए लक्ष्य निर्धारित करें। लक्ष्य में यह स्पष्ट हो कि किस सर्किल में किस स्थान पर कितना वृक्षारोपण किया जएगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए वन विभाग नोडल विभाग तथा उद्यान और कृषि विभाग सहायक विभाग होंगे। उन्होंने कहा कि तीनों विभाग आपस मे समन्वय कर गांव के एक एक किसान को योजना के फायदे के बारे में बताएं कि जिन किसानों ने पिछले वर्ष धान की खेती किया था इस वर्ष यदि धान के बदले वृक्षारोपण करते है तो तीन वर्ष तक 10 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसीप्रकार ग्राम पंचायतो द्वारा सामुदायिक एवं शासकीय गैर वनीय क्षेत्र में वाणिज्यिक वृक्षारोपण किया जाता है तो 10 हजार रूपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि योजना के शुरुआत से ही वन विभाग सही दस्तावेजीकरण के लिए भौतिक सत्यापन तथा जिओ टैगिंग कराए।
डीओ निरस्त करने वाले समितियों पर कराये एफआईआर- कलेक्टर ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के पश्चात समितियों से धान का उठाव की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन समितियों के द्वारा मिलर्स को धान के उठाव हेतु जारी डीओ को निरस्त किउल गया है उन पर जिला सहकारी बैंक प्रबंधन नोटिस जारी कर एफआईआर दर्ज कराए। उन्होंने कहा कि समितियों में एक भी बोरी धान में शॉर्टेज बर्दाश्त नही की जाएगी। बैंक भरपाई के लिए समितियो को नोटिस दें जवाब नही देने पर एफआईआर कराए। उन्हने नव गठित 12 समितियो के लाइसेंस शीघ्र जारी करने तथा जिन समितियो के लाइसेन्स का नवीनीकरण होना है उन्हें शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने खरीफ सीजन में रासायनिक खाद की उपलब्धता तथा किसानों द्वारा अग्रिम उठाव की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को खाद की दिक्कत नही होनी चाहिए। खाद का अग्रिम उठाव तेजी से कराएं। राज शासन की मंशानुरुप किसानों को इस बार वर्मी खाद का अधिक से अधिक उपयोग के लिए प्रोत्साहित करें। सभी समितियो में वर्मी खाद के उपयोग के फायदे से संबंधित बैनर प्रदर्शित कराएं। कलेक्टर ने कहा कि जिले करीब 32 हजार हेक्टेयर उच्च भूमि चिन्हांकित है जिसमे इस खरीफ सीजन में दलहनए तिलहनए रागी एकोदो कुटकी की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें। समय पर खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसी प्रकार जिले के 21 पोषण बाड़ी में कुंदरूए परवलए खेक्सा तथा ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए उद्यान विभाग रणनीति तैयार करें।
अनलॉक में कोविड प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन कराएं-कलेक्टर ने कहा कि अब जिले में अधिकांश गतिविधियां शुरू हो गयी प्रतिबंध समाप्त हो गया है लेकिन कोरोना का संक्रमण का खतरा अभी भी बना हुआ है। लोगो को इसका एहसास कराने के लिए कोविड अनुपालन व्यववहार का कड़ाई से पालन कराएं। मास्क नही पहने एशारीरिक दूरी का पालन नही करने तथा दुकानो में भीड़ की स्थिति में चालानी कार्यवाही पूर्व की भांति जारी रखें।कार्यवाही में कोई ढील नही दी जाएगी। जिन गॉंव में अधिक पॉजिटिव केस है वहां संबंधित मोहल्ले को माइक्रो कंटेन्मेंट जोन घोषित कर प्रतिबंध लगाएं। किसी मरीज को अस्पताल लाना हो तो एम्बुलेंस या 108 का इंतजार न करे ।किसी निजी वाहन से मरीज को अस्पताल पहुंचाएं वाहन किराया की राशि पंचायत द्वारा दी जाएगी।
बैठक में जिला पंचायत के सीईओ श्री विनय कुमार लंगेह, सहायक कलेक्टर सुश्री श्वेता सुमन, अपर कलेक्टर द्वय श्री एएल धु्रव एवं श्रीमती तनुजा सलाम, सभी सडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ तथा विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी ऑनलाइन जुड़े थे।

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