छत्तीसगढ़

कोयलांचल ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं रुक रहा है अवैध कोयले का उत्खनन एवं परिवहन लखनपुर पुलिस ने उत्खनन स्थल से लगभग 7 टन अवैध कोयला की जब्ती कार्यवाही की गई।


लखनपुर विकासखंड के अंतर्गत कुछ ग्रामों में अवैध कोयले का उत्खनन और परिवहन होने के कारण हमेशा ही सुर्खियों में रहती हैं तथा कोयले का अवैध उत्खनन एवं परिवहन बारिश के कुछ महीनों को छोड़कर लगातार कोयले का अवैध कारोबार फल फूल रहा है और कुछ विभाग के आला अधिकारियों की एवं सफेदपोश नेताओं की मौन सहमति एवं कमीशन खोरी के चक्कर में कोयले का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से चलता रहता है जिसे रोक पाने में शासन प्रशासन द्वारा बीच-बीच में कार्यवाही के नाम पर महज खानापूर्ति ही करते देखा जा सकता है।

लखनपुर विकासखंड के अंतर्गत कोयले का अवैध उत्खनन होने वाले ग्राम जैसे गुमगरा कला,
कटकोना ,चिलबिल,परसोड़ी कला, गुमगरा खुर्द, प्राकृतिक और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप नदी किनारे महेश चार से पांच फीट के नीचे उच्च क्वालिटी का कोयला अचुर भंडारण है-
जिसका लाभ भोले-भाले ग्रामीणों को चंद रुपयों के लालच देकर कोयले का अवैध उत्खनन कोल माफियाओं द्वारा खनिज विभाग, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग ,के उच्च अधिकारियों के साथ मधुर संबंध होने के कारण यह अवैध कारोबार फल फूल रहा है।
कारवाही के नाम पर पुलिस, खनिज, राजस्व के द्वारा कई बार संयुक्त कार्यवाही करने से पहले कोल माफियाओं को इसकी सूचना पहले से हो जाती है और वहां से महज 10से 12 टन लावारिस हालत में कोयला की जब्ती की कार्यवाही अपना पीठ थपथपा आती रही है और यह परंपरा एवं बदस्तूर चली आ रही है।
वहीं कोयला अवैध उत्खनन स्थलों में कुछ विभाग के आला अधिकारियों का चारागाह बना हुआ है आए दिन वहां पहुंच अवैध उगाही का भी खेल धड़ल्ले से किया जा रहा है।

गौरतलब बात यह है कि दिन रविवार को लखनपुर पुलिस के द्वारा ग्राम गुमगरा के तथा परसोडी कला नदी किनारे अवैध कोयला उत्खनन की सूचना मिलने पर लखनपुर अतिरिक्त थाना प्रभारी सुरेश कुमार मिंज के द्वारा अवैध उत्खनन स्थल में आरक्षक शिषनाथ सिंह ,समर बहादुर सिंह, राजकुमार साहू के द्वारा पहुंचे अवैध उत्खनन किए हुए लगभग 7 से 8 टन अवैध कोयला की लावारिस हालत में जब्ती की कार्रवाई की गई तथा आसपास के ग्रामीणों समझाइश दिया गया कि इस तरह से कोयले का अवैध उत्खनन किए जाने और परिवहन किया जाना गैर कानूनी है इसी तरह अवैध कोयले का उत्खनन चलता रहा तो मजबूरन ग्रामीणों के ऊपर अपराध दर्ज करने के लिए पुलिस प्रशासन बाध्य रहेगी।

Leave a Reply