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छत्तीसगढ़

भ्रष्टाचार के आरोपी तहसीलदार ऋचा सिंह से बदनाम हो रहा पूरा राजस्व अमला

कलेक्टर कोरिया की अनुशंसा पर कमिश्नर सरगुजा ने दिया जांच का आदेश

बैकुंठपुर / सरगुजा संभाग का कोरिया ज़िला राजनीतिक संरक्षण प्राप्त तहसीलदार ऋचा सिंह के कारण भ्रष्टाचार का दंश झेल रहा है तहसीलदार ने कोरिया जिले को भ्रष्टाचार का चारागाह बना लिया है और प्रतिदिन अपने पति जनपद सीईओ संजय राय के साथ मिलकर मालामाल हो रही है तहसीलदार रिचा सिंह व जनपद सीईओ संजय राय लंबे समय से कोरिया जिले में पदस्थ रहकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं ? राजनीतिक संरक्षण प्राप्त तहसीलदार महोदय अपनी कमाओ खाओ कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं तहसीलदार रिचा सिंह विवादों से गहरा नाता रहा है । ऐसा ही मामला सरगुजा संभाग के कोरिया जिले में भी आया है, जहां शासन-प्रशासन की छवि धूमिल करने वाली तहसीलदार बैकुंठपुर के खिलाफ सरगुजा कमिश्नर ने जांच के आदेश दिए हैं। पूर्व में भी रामानुजनगर जिला सूरजपुर में पदस्थ रह चुकी प्रभारी तहसीलदार ऋचा सिंह को 2016 में एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से अवरुद्ध कर दंडित किया जा चुका है। परंतु राजनैतिक सरंक्षण मिलने से तहसीलदार ऋचा सिंह के हौसले और बुलंद हो गए और कोरिया जिले में रहते हुए इस भ्रष्टाचार के आरोपी तहसीलदार के द्वारा 11 राजस्व के मामलों में भारी अनियमितता की गई है। जिसकी जांच कराने के लिए कलेक्टर कोरिया ने संभागायुक्त सरगुजा को प्रस्तावित किया था।

मिली जानकारी के अनुसार कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में लोगों के सैकड़ो शिकायतों व रामपुर जमीन मामले में मृत भूस्वामी के बिना उपस्थिति नामांतरण सहित 11 मामलों में तहसीलदार बैकुंठपुर ऋचा सिंह के कार्य में अनिमियतता पाये जाने पर कोरिया कलेक्टर ने संभागायुक्त सरगुजा को व राजस्व मंडल सचिवालय का पत्र लिखकर विभागीय जांच कराये जाने हेतु प्रस्तावित किया था। जिस पर संभागायुक्त ने वर्तमान तहसीलदार ऋचा सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करते हुये उन्हें 18 मार्च को पत्र लिखकर तत्काल जवाब मांगा है। जिस पर विभागीय जांच जल्द शुरू हो सकें। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रामपुर जमीन मामले में तहसीलदार ऋचा सिंह द्वारा नामांतरण पंजी वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में किये गये नियम विरूद्ध 8 नामांतरण आदेश, नामांतरण पंजी में पारित किया गया था। जिसके भूस्वामी अरविंद सिंह निवासी ग्राम जूनापारा की मृत्यू हो चुकी थी। जिसके बाद मुख्तारनामा के आधार पर रजिस्ट्री की गयी। जिसका नामांतरण बिना जांच किये एवं पक्षकारों की सुनवाई बिना वर्तमान तहसीलदार ऋचा सिंह के द्वारा किया गया था। इसके साथ इनके द्वारा 10 अन्य अनियमितताएँ भी पाया गयी थीं। जिसे आरोप पत्र में शामिल किया गया था। इसी आधार पर संभागायुक्त सरगुजा ने वर्तमान तहसीलदार ऋचा सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दायर करते हुये विभागीय जांच करने के लिये वर्तमान तहसीलदार को 18 मार्च 2021 को पत्र जारी करते हुये कहा कि कार्यालय का पत्र एवं आपका आवेदन पत्र का अवलोकन किया गया। जिसमें तहसीलदार के विरूद्ध प्रचलित प्रकरण पर पुनः परीक्षण किया गया। जिसके अनुसार इस मामले में नियमित विभागीय जांच किया जाना अनिवार्य प्रतीत हुआ। साथ ही आपके विरुद्ध¸ छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील), नियम 1966 के नियम 14 में निहित प्रावधान अनुसार विभागयी जांच संस्थित किया जाना प्रस्तावित है। जांच हेतु संलग्न आरोप पत्र आरोप का विवरण साक्ष्य अभिलेखों की सूची एवं गवाहों की सूची के आधार पर जांच किया जाना है।

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