samvaad
छत्तीसगढ़

कौशल के अनुसार उपलब्ध कराएं जाएंगे उभयलिंगियों को रोजगार के साधन उभयलिंगी व्यक्तियों पर केन्द्रित एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

अम्बिकापुर 2 मार्च 2021/ कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा की अध्यक्षता में आज यहां कलेक्टोरेट सभाकक्ष में उभयलिंगी व्यक्तियों पर केन्द्रित एक जागरूकता एवं संवेदनशीलता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कलेक्टर श्री झा ने कहा कि उभयलिंगियों को आजीविका के साधन उपलब्ध कराना सबसे जरूरी है। जिला प्रशासन द्वारा समाज कल्याण विभाग के माध्यम से जिले के उभयलिंगियों का चिन्हांकन तथा उनके कौशल के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी। उनकी दक्षता बढ़ाने के लिए कौशल विकास का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि उभयलिंगियों को समूह की महिलाओं के साथ गोठानों तथा कुटीर उद्योगों के काम में जोड़े ताकि सुरक्षा के साथ रोजगार के साधन मिलता रहे। 
कलेक्टर ने कहा कि उभयलिंगियों के पुर्नवास के लिए संभाग स्तर पर पुर्नवास केन्द्र भी बनाया जाएगा ताकि संभाग के उभयलिंगियों को घर से बाहर रहने की समस्या न हो इसके साथ ही सखी वन स्टॉफ सेन्टर के तर्ज पर पुर्नवास और मार्गदर्शन की सुविधा मिल सके। कलेक्टर ने कहा कि शासन के विभिन्न योजनाओं को नियमानुसार उभयलिंगियों तक पहुंचाने का काम जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर सुश्री रिता के द्वारा उभयलिंगियों के एतिहासिक पृष्ठभूमि तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा लागू किए गए नियमों के बारे में जानकारी दी। उन्होनें बताया कि किसी व्यक्ति के शरीर और मन का अलग-अलग होना ही उभयलिंगी कहलाता है। शासन द्वारा उभयलिंगी को दो प्रकार के प्रमाण पत्र देने के प्रावधान किए गए हैं। इनमें उभयलिंगी को फॉर्मेट 3 एवं 5 तथा महिला या पुरूष का प्रमाण पत्र फॉर्मेट 4 एवं 6 में दिया जाएगा। 18 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति स्वयं आवेदन कर सकते हैं जबकि 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति के लिए प्रमाण पत्र हेतु गुरू, या माता-पिता आवेदन दे सकेंगे। महिला या पुरूष का प्रमाण पत्र हेतु लिंग परिवर्तन का प्रमाण पत्र मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से देना होगा। सुश्री रिता ने बताया कि जारी अधिनियम में प्रावधान है कि किसी भी उभयलिंगी को घर से निकालने बच्चे की शैक्षणिक संस्थाओं में गोपनियता भंग करने, सार्वजनिक स्थानो पर जाने में रोकने, बलत्कार , अपशब्दों के प्रयोग करने पर 6 माह से लेकर 2 वर्ष तक की सजा एवं जुर्माना का प्रावधान है। 
इस अवसर पर आरक्षक के पद पर चयनित सरगुजा संभाग की प्रथम उभयलिंगी अक्षरा मण्डल सहित अन्य को सम्मानित किया गया। 

कार्यशाला में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह, अपर कलेक्टर द्वय श्री एएल धु्रव, सुश्री संतनदेवी जांगडे सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय के सचिव श्री विनोद एक्का, राजीव गांधी शासकीय स्नात्कोत्तर महाविद्यालय अम्बिकापुर के प्रचार्य डॉ. एसके त्रिपाठी सहित संभाग के विभिन्न महाविद्यालयों के प्रचार्य एवं सहायक प्राध्यापक उपस्थित थे।

Leave a Reply