samvaad
छत्तीसगढ़

डबरी निर्माण कराने वाले किसानों को सोलर पंप देने में प्राथमिकता दें- कलेक्टर कुम्हरता के रोजगार सहायक को कारण बताओ सूचना साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक सम्पन्न

   अम्बिकापुर / कलेक्टर श्री संजजीव कुमार झा ने आज जिला पंचायत सभा कक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने मनरेगा के तहत डबरी निर्माण के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए क्रेडा से रियायती दर पर सोलर पम्प प्राथमिकता से स्वीकृत करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने अम्बिकापुर जनपद के ग्राम पंचायत कुम्हरता के रोजगार सहायक द्वारा रोजगार सृजन में रुचि नहीं लेने पर कारण बताओ सूचना जारी करने तथा संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर बर्खास्त करने के निर्देश दिए।
मनरेगा के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में रोजगार सृजन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जो रोजगार सहायक रोजगार सृजन के लिए मांग नहीं करते तथा निष्क्रिय रहते है उन्हें पद से पृथक करने की कार्यवाही करें। जहां रोजगार सहायक नहीं है वहाँ पंचायत सचिव से काम लें। ग्रामो में अधिक से अधिक डबरी निर्माण कराये। इसके लिए परिवार की संख्या का कम से कम 10 प्रतिशत के पास डबरी हो। उन्होंने कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जांच करें कि सभी गांव में काम स्वीकृत हुआ है कि नहीं, रोजगार सहायक काम का मांग कर रहा है तथा मस्टर रोल जनरेट हो रहा है कि नहीं। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन मस्टर रोल का जाँच करें। शून्य मस्टर रोल का से कम हो। सभी जनपद सीईओ और पीओ गांव में परिवार की संख्या के आधार पर कार्य सृजन के लिए लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि दो वित्तीय वर्ष में जिन नामों पर लेबर जनरेट नहीं हुआ है ऐसे नामों को सूची से विलोपित करें। 
कलेक्टर ने कहा कि वन अधिकार मान्यता प्राप्त हितग्राहियों को भो मनरेगा के तहत 150 दिन का रोजगार उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इसके लिए ग्रामवार वन अधिकार प्राप्त लोगों की सूची तैयार करें। जांच करें कि प्रतिदिन के मस्टर रोल में वन अधिकार के हितग्राही कितने हैं। जिन गांव में कम लोगो को रोजगार मिल रहा है वहां रोजगार बढ़ाएं। उन्होंने नरवा योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि पूर्व में चिन्हांकित प्रत्येक जनपद के 10-10 नालों में से 2-2 को मॉडल नरवा  के रूप में विकसित करें। इनके संरचना आदर्श हो।

कलेक्टर ने धान खरीदी की समीक्षा करते हुए कहा कि किसी भी उपार्जन केंद्र में बारदाना की समस्या नही होनी चाहिये। प्रतिदिन की धान खरीदी की सीमा के अनुसार समितियों में बारदाने की आवश्यकता के अनुसार पहले ही बारदाने की व्यवस्था हो जाना चाहिये। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी उपार्जन केन्द्र में बारदाने की कमी होती है तो उसकी जवाबदेही खाद्य अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी तथा जिला सहकारिता अधिकारी की होगी।उन्होंने कहा कि उपार्जन केंद्र से धान का उठाव तेजी से करें कहीं भी धान जाम की स्थिति में नही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसानों के द्वारा धान बेचने लाये बारदाने गुणवत्तापूर्ण है तो किसानों के बोरी में भी धान खरीदी कर सकते है।
बैठक में जिला पंचायत के सीईओं श्री विनय कुमार लंगेह, डीएफओ श्री पंकज कमल, सहायक कलेक्टर श्री विश्वदीप, अपर कलेक्टर द्वय श्री ए.एल. धु्रव एवं सुश्री संतन देवी जांगडे़ सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Reply