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छत्तीसगढ़

नेता प्रतिपक्ष श्री धरमलाल कौशिक का दौरा कार्यक्रम

अम्बिकापुर 16 दिसम्बर 2020/ छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री धरमलाल कौशिक 17 दिसम्बर 2020 को प्रातः 7 बजे दुर्ग-अम्बिकापुर रेल द्वारा अम्बिकापुर आएंगे। वे प्रातः 9ः30 बजे विकासखण्ड लुण्ड्रा के ग्राम बबोली जाएंगे जहां मृतक किसान के परिजनों से भेंट करेंगे। श्री कौशिक दोपहर 12ः30 बजे सर्किट हाउस अम्बिकापुर आएंगे। तत्पश्चात सर्किट हाउस में दोपहर 2 बजे प्रेस कांफ्रेंस लेंगे। वे सायं 4 बजे कार द्वारा कटघोरा होते हुए बिलासपुर जाएंगे।

नशे की हालत में पुत्र से विवाद होने से आवेश में आकर दशन ने किया जहर सेवन
अनुविभागीय दंडाधिकारी के जांच में तथ्य आये सामने

अम्बिकापुर / लुण्ड्रा तहसील के धौरपुर थाना अंतर्गत ग्राम बबोली निवासी 53 वर्षीय मृतक दशन राम शराब का आदि था तथा मृत्यु के दो तीन दिन पूर्व लगातार शराब पीकर अपने पुत्र से विवाद कर रहा था। विवाद के आवेश में आकर दशन राम ने 12 दिसम्बर को कीटनाशक का सेवन कर लिया जिसका मेडिकल कालेज अस्पताल अम्बिकापुर में उपचार के दौरान 14 दिसम्बर को मृत्यु हो गई। मृतक दशन को ट्रैक्टर के ऋण राशि की अंतिम किश्त चुकाने में बैंक से किसी प्रकार का दबाव नहीं था। कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा के निर्देश पर अनुविभागीय दंडाधिकारी श्री अजय त्रिपाठी के द्वारा की गई प्रारंभिक जांच पर यह तथ्य सामने आये है।
अनुविभागीय दंडाधिकारी के जांच प्रतिवेदन के अनुसार मृतक दशन राम आत्मज भूखन जाति गोड़ उम्र लगभग 53 वर्ष निवासी ग्राम बबोली थाना धौरपुर तहसील लुण्ड्रा जिला सरगुजा का निवासी था। दशन के परिवार में उसके पिता भूखन उम्र 70 वर्ष, पत्नी गीतम उम्र 48 वर्ष तथा 3 पुत्र प्रदीप उम्र 28 वर्ष, रामजनम उम्र-24 वर्ष, चेतना उम्र-20 वर्ष एवं 1 पुत्री है, जिसमें 1 पुत्र एवं पुत्री का विवाह हो चुका है। दशन राम के द्वारा वर्ष 218 में एक महेन्द्रा ट्रैक्टर लागत 5.7 लाख का खरीदा गया जिसके लिए एच.डी.एफ.सी. बैक शाखा अम्बिकापुर से 3.84 लाख का ऋण लिया गया था जिसका छःमाही किस्त 83150 रूपए निर्धारित था। उक्त ऋण राशि का अंतिम किस्त चुकाया जाना शेष था। दशन को ट्रैक्टर से प्रतिमाह 15000 से 20000 रूपए का शुद्ध आय प्राप्त होता था। दशन के परिवार का मूल व्यवसाय कृषि कार्य है। दशन के पिता के नाम पर कुल रकबा 2.788 हेक्टेयर भूमि है साथ ही दशन एवं अन्य 3 के संयुक्त स्वामित्व में 3.362 हेक्टेयर भूमि ग्राम बबोली में है जिस पर खरीफ में धान तथा रबी में गेहूं की खेती करते है तथा सब्जी भी उगाते है। दशन का बड़ा पुत्र कृषि कार्य के साथ्-साथ वाहन चालक का भी कार्य करता है। उसका दूसरा पुत्र कृषि कार्य के साथ-साथ स्वयं के ट्रैक्टर से अपने आस-पास के खेत की जुताई, ढुलाई एवं अन्य कार्य करता है। तीसरा पुत्र अभी अध्यनरत है।
वर्ष 2019-20 में दशन के परिवार द्वारा आ.जा.सेवा सहकारी समिति धौरपुर में धान विक्रय कर राशि 69730 रूपए का आय अर्जित किया गया था। साथ ही राजीव गांधी किसान न्याय योजना अंतर्गत वर्ष 2019 में 17619 रूपए भी प्राप्त किया। वर्ष 2020-21 में रकबा 1.993 हेक्टेयर भूमि पंजीकृत है, तथा 17 दिसम्बर 2020 को 72 क्विंटल विक्रय करने हेतु टोकन प्राप्त किया गया है। वर्ष 2017-18 में दशन की नीजि भूमि में 2.7 लाख रूपए लागत की डबरी निर्माण का कार्य पंचायत द्वारा कराया गया था। वर्ष 2018-19 में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत दशन को आवास भी मिला है। परिवार में दशन की पत्नी के नाम पर राशन कार्ड है, जिसमें प्रतिमाह चावल, चना, शक्कर,नमक एवं मिट्टी तेल का उठाव करते है। दशन के पिता भूखन को राष्ट्रीय वृद्धावास्था पेंशन भी प्राप्त होता है। दशन के परिवार के नाम पर मनरेगा का जाब कार्ड भी है जिसके अंतर्गत वर्ष 2019-20 में 94 मानव दिवस का कार्य किया गया और भुगतान प्राप्त किया गया। इस प्रकार दशन के परिवार को सभी हितग्राही मूलक शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त होता रहा है।
दशन के परिवार के सदस्यों एवं आस-पडोस के व्यक्तियों का बयान लिया गया जिसमें मुख्य रूप से दशन के बारे में बताया गया कि वह शराब के नशे का आदी था। 12 दिसम्बर 2020 को जहर सेवन से पूर्व ही 2-3 दिनों से लगातार उसके द्वारा शराब का सेवन किया जा रहा था। दशन द्वारा शराब पीकर भूमि विक्रय करने की बात की जा रही थी किन्तु उनके पुत्रों के द्वारा भूमि विक्रय का विरोध किया जा रहा था। जिसके कारण उसका पुत्रों से विवाद होने पर उसके द्वारा खरपतवार नाशक दवा का सेवन आवेश में आकर कर लिया, जिससे बाद में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। ट्रेक्टर के किश्त को भुगतान के लिए बैंक द्वारा किसी भी प्रकार का दबाव दशन के उपर बनाये जाने का काई तथ्य जांच में उपस्थित होना नहीं पाया गया।
दशन राम के परिवार को शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा था और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी। उसके द्वारा अंतिम किश्त को छोड़ कर शेष ऋण राशि को चुका दिया गया था। उसके समक्ष ऐसी कोई परिस्थिति नहीं थी जिसके कारण वह ऋण की अंतिम किश्त को चुकाने के लिए वह दबाव में रहा हो।

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