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छत्तीसगढ़

गोधन न्याय योजना ऑटो चालक मोहम्मद खान के लिए बना संकटमोचक

अम्बिकापुर 9 दिसम्बर 2020/ गोधन न्याय योजना केवल ग्रामीण पशुपालको के लिए ही नही अपितु शहरी गरीब परिवारों के लिए भी अतिरिक्त आय का जरिया बन रहा है। अम्बिकापुर के तकिया रोड निवासी मोहम्मद खान की लिए तो संकटमोचक बन गया। ऑटो चलाक परिवार का भरण पोषण करने वाले अम्बिकापुर के तकिया रोड निवासी मोहम्मद खान को उस वक्त गहरा धक्का लगा जब कोविड-19 के कारण लॉकडाउन लगाया गया और उन्हें ऑटो घर मे खड़ी करनी पड़ी। लॉकडाउन के कारण रोजी रोटी का सहारा बंद हो जाने के कारण उनका परिवार बुरी तरह से प्रभावित हुआ। इस संकट की घड़ी में गोधन न्याय योजना मोहम्मद खान के लिए संकटमोचक साबित हुआ।

मोहम्मद खान ने बताया कि उनके पास 10 मवेशी हैं। उनके गोबर को इकट्ठा करके एसएलआरएम सेंटर डीसी रोड के गोबर खरीदी केंद्र में बेचते हैं। लॉकडाउन के दौरान गोबर की बिक्री से परिवार को जीवन-यापन में सहारा मिला। योजना के आने से पहले गोबर को कोई भी घर बहारने के लिए उठाकर ले जाते थे। गोधन न्याय योजना के आ जाने से गोबर मूल्यवान वस्तु बन गया है। गोबर के पैसे से परिवार के लिया अतिरिक्त आय का जरिया तो बना ही मवेशियों के चारे, खली और अन्य मेंटेनेंस का कार्य सहजता से हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि गोधन न्याय योजना के तहत 8 किश्तों में करीब 30 हजार रुपये उनके खाते में जमा हुआ है। मोहम्मद खान ने इस योजना की तारीफ करते हुए कहा कि अब गोबर परिवार के लिए अतिरिक्त आय जुटाने का अच्छा साधन बन गया है।
उल्लेखनीय है कि गोधन न्याय योजना की शुरुआत 20 जुलाई 2020 को हरेली त्योहार के अवसर पर प्रदेश भर में की गई। गोठानो में गोबर खरीदने की व्यवस्था के साथ 15 दिन में भुगतान सुनिश्चित की जा रही है। इस योजना से एक ओर गोबर बेचकर पशु पालक अतिरिक्त आय प्राप्त कर रहे है वही दूसरी ओर मविशियों को खुला छोड़ने की प्रवृत्ति पर रोक लग राहीं है।

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