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छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से रेशमा ने कुपोषण को दी मात

सुपोषण की दिशा में बढ़ता सरगुजा

अम्बिकापुर 6 दिसम्बर 2020/ मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से कुपोषित बच्चों के साथ ही किशोरी बालिकाएं, गर्भवती और शिशुवती महिलाएं भी लाभान्वित हो रही है। सरगुजा जिले में इस अभियान के तहत बच्चों को कुपोषण से निकालकर स्वस्थ बनाने के साथ-साथ स्वस्थ एवं तंदुरुस्त बच्चों के जन्म पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए सभी गर्भवती महिलाओं को इस अभियान से जोड़ा गया है। महतारी जतन योजना, सुपोषण अभियान, सुपोषित जननी कार्यक्रम के तहत नियमित जांच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन द्वारा नियमित रूप से घर-घर जाकर स्वास्थ्य सलाह और पूरक पोषक आहार वाली पौष्टिक खुराक के लिए जिले में गर्भवती महिलाओं की काउंसलिंग की जा रही है। इसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहा है ।
अम्बिकापुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ादमाली के आश्रित ग्राम महुआभौना में ऐसा ही सकारात्मक प्रभाव मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के प्रारम्भ होने से पड़ा है। महुआभौना जंगलों से घिरा दूरस्थ आदिवासी बाहुल्य गांव है जहां आवागमन की सुविधा की कमी है। मोटरसाइकल बड़ी मुश्किल से पहुंच पाता है। एकीकृत बाल विकास परियोजना दरिमा के अंतर्गत आने वाले गांव महुआभौना में निवासरत ढाई वर्षीय रेशमा तिग्गा कुपोषण के खिलाफ जंग जीत चुकी है। रेशमा के पिता श्री चुन्नूलाल खेती किसानी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। अप्रैल 2018 में जन्मी रेश्मा का जुलाई 2019 में वजन 6 किलो 600 ग्राम था जो कुपोषण की श्रेणी में आता है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अंतर्गत पोषक आहार और मिड डे मील खाने की बदौलत आज वह सुपोषित होकर 10 किलो 600 ग्राम की हो चुकी है। सुपोषण अभियान के तहत मिले चना, दाल, अंडा और मूंगफली-गुड़ के पोषक लड्डू के साथ पौष्टिक गर्म भोजन से रेशमा आज पूर्ण रूप से स्वस्थ और सुपोषित नजर आ रही है। रेडी -टू-ईट के व्यंजन, हरी सब्जियां, स्थानीय फलों के साथ-साथ रेशमा को पौष्टिक आहार के लिए लौह तत्व युक्त भोजन तथा मुनगा भाजी भी खाने की सलाह दी गई। इस दौरान उनके घर के परिसर में मुनगा, पपीता का पौधा भी लगा दिया गया है।
अब रेशमा 2 वर्ष 6 माह की हो गई है तथा उसका वजन नियमित रूप से बढ़ रहा हैं। बच्ची का नियमित टीकाकरण हो रहा है तथा रेशमा को अभी भी मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत लगातार पौष्टिक आहार नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र में मिल रहा हैं। कुपोषण के खिलाफ जंग में सुपोषण अभियान से जुड़ी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन सहित महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने खूब सहायता की। लगभग रोज ही घर आकर समझाना, परामर्श देना, पौष्टिक आहार की जानकारी देना और रखी जाने वाली सावधानियों को बताया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती पूनम सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र महुआभौना में वर्तमान में 4 गंभीर कुपोषित तथा 8 मध्यम कुपोषित बच्चे सुपोषण की श्रेणी में आ गए हैं। बच्चों के घर मे पोषक आहार हेतु गृहभेंट कर परामर्श सेवा प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि 3 माह से 06 वर्ष तक आयु वर्ग के बच्चों को कुपोषण एवं एनीमिया तथा 15 से 49 वर्ष आयु के महिलाओ को एनीमिया से मुक्त कराने के लिए पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान 02 अक्टूबर 2019 से संचालित किया जा रहा है। इस अभियान से जिले में कुपोषण में 7 प्रतिशत की कमी आई है।

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