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छत्तीसगढ़

कोरोना काल में रूम-टू-रीड से बालिका शिक्षा अनवरत जारी

अम्बिकापुर / कोरोना महामारी के दौर में जहां एक और विद्यालय बंद पड़े हैं वहीं छत्तीसगढ़ शासन अपनी पढ़ई तुंहर दुआर योजना के साथ पढ़ाई जारी रखने के हर संभव प्रयास कर रहा है। इन्हीं प्रयासों में एक है बालिका शिक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना। इस दौर में विशेषज्ञों का आकलन देश में लगभग 2000000 बालिकाओं की पढ़ाई छूट जाने की ओर इशारा करता है। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ शासन का स्कूल शिक्षा विभाग रूम-टू-रीड संस्था के सहयोग से बालिका शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है। रूम-टू-रीड के सहयोग से सरगुजा जिले में भी बालिका शिक्षा से जुड़े विभिन्न पोस्टर, स्लोगन तथा वीडियो अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के प्रयास राजीव गांधी शिक्षा मिशन कर रहा है। इस कार्य में रूम-टू-रीड की जिला समन्वयक सुश्री नाजिया परवीन के साथ विकासखंडों में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की अधिक्षिकाएं व शिक्षिकाएं पूरे जोर-शोर से लगी है। बालिकाओं व उनके पालकों तक पठन सामग्री, प्रेरणादाई वीडियो , पोस्टर , स्लोगन आदि पहुंचाने का कार्य लगातार जारी है । ऑनलाइन प्रतियोगिताओं और आयोजनों के द्वारा भी बालिकाओं को शिक्षा की कड़ी से जोड़े रखने का प्रयास किया जा रहा है। रूम-टू-रीड के सहयोग से अंबिकापुर में 1260 किलोहर्टज पर प्रतिदिन सुबह 9ः00 बजे रेडियो कार्यक्रम का प्रसारण किया जा रहा है। साथ ही 94.3 माई एफएम पर 9ः00 बजे सुबह से 9ः00 बजे रात तक बालिकाओं के लिए “हर कदम बेटी के संग स्कूल ना छूटने देंगे हम“ स्लोगन के साथ रेडियो कार्यक्रम का प्रसारण सर्व शिक्षा अभियान व रूम-टू-रीड के सहयोग से हो रहा है। इसी कड़ी में “कोविड के समय में लड़कियों की शिक्षा एवं कल्याण को बढ़ावा देना“ विषय पर एक राज्यस्तरीय वेबीनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य कार्यालय राजीव गांधी शिक्षा मिशन के सहायक संचालक श्री एम सुधीश, रूम-टू-रीड के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक प्रभात जायसवाल उपस्थित रहे। सरगुजा जिले से डाइट अंबिकापुर की व्याख्याता श्रीमती पुष्पा सिंह व कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय लखनपुर की अधीक्षिका श्रीमती अनुराधा सिंह विषय विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहीं। बालिका ड्रॉपआउट समस्या की भयावहता से अवगत कराते हुए श्री प्रभात ने “हर कदम बेटी के संग“ कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला। श्री सुधीश ने कोरोना काल में शासन द्वारा बालिका शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया । श्रीमती पुष्पा सिंह ने बताया कि डाइट के माध्यम से बालिका शिक्षा के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। श्रीमती अनुराधा सिंह ने छात्रावास की बालिकाओं के साथ आने वाली समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अपने विद्यालय की शिक्षिकाओं के साथ मिलकर वे लगातार विद्यार्थी बालिकाओं के संपर्क में रहती है। समुदाय का सहयोग प्राप्त कर बालिकाओं की पढ़ाई भी जारी रखे हुए हैं। यूट्यूब के माध्यम से डेढ़ लाख से भी ज्यादा लोगों ने इस कार्यक्रम का लाभ उठाया ।

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