0 संदेही जेई की हार्टअटैक से मौत
0 तीन आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
0 करवां विधुत सब स्टेशन की घटना
*सूरजपुर। सोमवार को करवां सब स्टेशन के पास मिले युवक के शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। शराब पीने पिलाने की बात पर उपजे विवाद के कारण सब स्टेशन में कार्यरत चार लोगों ने मिलकर युवक के सिरपर लकड़ी से प्रहार कर दिया था। जिससे उसकी मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि चौथे आरोपी की पूछताछ के दौरान तबीयत बिगड़ गई थी । जिसे अस्पताल में उपचारार्थ भर्ती कराया गया था और हृदयगति रुकने से उसकी मौत हो गई हैं। पुलिस की जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि 23 नवम्बर को मिथिलेश कुमार राजवाड़े गजाधरपुर ने चौकी लटोरी में मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराया कि सोमवार की सुबह करवां विद्युत पावर हाउस सब स्टेशन के सामने एक व्यक्ति की अर्धनग्न व खून से लथपथ हालत में शव को देखा और पास में जाकर पहचान किया। मृतक हरिश्चंद राजवाड़े उर्फ रामेश्वर उम्र 24 वर्ष ग्राम गजाधरपुर का होना पाया।
जिस पर धारा 302 का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गई। घटनास्थल का निरीक्षण कर शव पंचनामा कार्रवाई व परिजनों का कथन लेकर मृतक के शव को पीएम हेतु सीएचसी विश्रामपुर भेज गया और घटना स्थल पर कैंप कर आसपास के व्यक्तियों व घटनास्थल पर मौजूद ग्राम करवां, गजाधरपुर के लोगों से भी पूछताछ किया गया। पूछताछ पर यह तथ्य सामने आया कि मृतक की दोस्ती विद्युत करवां सब स्टेशन के लाइन मेन विजय कुमार विश्वकर्मा से है जहां मृतक हमेशा शराब पीने जाता था और विजय विश्वकर्मा व जेई पूनम कतलम के साथ अक्सर शराब पीता था। 22 नवम्बर की रात्रि में मृतक हरिश्चंद को सब स्टेशन में जाते देखा गया था। विवेचना दौरान संकलित व उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर लाइनमेन विजय कुमार विश्वकर्मा पिता बृजभान विश्वकर्मा सब स्टेशन करवां से पूछताछ करने पर घटना के संबंध में अनभिज्ञता जाहिर करने लगा और कोई जानकारी नहीं होना बताया। बाद जेई पूनम सिंह कतलम से सब स्टेशन में ही घटना के संबंध में पूछताछ किया गया जो घटना स्थल करवां सब स्टेशन में पूछताछ पर स्वास्थ्य खराब होना बताकर सांस लेने में तकलीफ व घबराहट होना बताया। जिसे तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लटोरी जरिए स्टाफ भेजकर भर्ती कराया गया। पूनम सिंह कतलम के शर्ट में खून का दाग दिखाई दे रहा था। इसके पश्चात विजय कुमार विश्वकर्मा से पुनः सब स्टेशन के पास ही गवाहों के समक्ष हिकमत अमली से पूछताछ करने पर अपने अन्य साथी संजय दुबे, संजय कुमार विश्वकर्मा व जेईई पूनम सिंह कतलम के साथ घटना दिवस 22नवम्बर की रात्रि करीब 8 बजे मृतक हरिशचंद के द्वारा शराब मांगने व गाली गलौज करने की बात पर नाराज होकर मृतक को सब स्टेशन के फीडर (पैनल) में धक्का देना व तीनों साथी के द्वारा मृतक का हाथ बांह पकड़ने पर इसके द्वारा चौकोर लकड़ी से हत्या करने की नियत से सिर में मारना बतलाकर जुर्म करना स्वीकार किया। जिसे मारपीट में प्रयुक्त चौकोर लकड़ी व घटनास्थल पर आरोपी द्वारा छिपाकर रखा मृतक का स्वेटर मुताबिक मेमोरेंडम कथन जप्त किया गया है। आरोपी विजय विश्वकर्मा के मेमोरेंडम कथन मुताबिक अन्य आरोपी संजय कुमार विश्वकर्मा उम्र 22 वर्ष चेंद्रा, संजय कुमार दुबे उम्र 50 वर्ष अंबिकापुर को पूछताछ कर जुर्म स्वीकार करने पर प्रकरण में सोमवार की रात में गिरफ्तार किया गया। संदेही पूनम सिंह कतलम के अस्पताल में इलाजरत रहने व स्वास्थ्य को देखते हुए संदेही पूनम को रात को गिरफ्तार नहीं किया गया। संदेही पूनम सिंह कतलम को अस्पताल में भर्ती कराने के पश्चात उसके रिश्तेदारों व छोटे भाई दीपक कतलम को मोबाइल पर सूचना दिया गया और स्वास्थ्य में सुधार होने पर संदेही पूनम कतलम से उसके घर का नंबर पूछ कर घरवालों से भी मोबाइल से बात कराया गया और अस्पताल में भर्ती रहने के संबंध में सूचना दिया गया। विभागीय तौर पर विद्युत विभाग के लाइन परिचालक समयलाल लटोरी विद्युत वितरण केंद्र व उसके साथी लक्ष्मी ठाकुर को सूचना देकर अस्पताल में पूनम कतलम के साथ रहने हेतु कहा गया। समयलाल रात्रि में संदेही पूनम कतलम के साथ ही रहा है जिसके बताए अनुसार संदेही पूनम कतलम मंगलवार के प्रातः करीब 4 बजे समयलाल के साथ लघुशंका करने जा रहा था और शौचालय के पास पहुंच कर बैठ गया और अपने पैंट में ही लघुशंका कर दिया और वहीं पर मूर्छित हो गया। इस संबंध में प्रातः करीब 4.00 बजे ही डॉक्टर नारद गुप्ता चिकित्सा अधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लटोरी के द्वारा मोबाइल से संदेही पूनम कतलम की लघुशंका करने जाने के दौरान अचानक ह्रदय गति अवरुद्ध होने से मृत्यु हो जाना बतलाया गया है। पुलिस के अनुसार पूनम सिंह कतलम चौकी लटोरी, थाना जयनगर में धारा 302, 201, 34 भादवि का आरोपी है।प्रकरण में 3 आरोपियों की गिरफ्तारी की जाकर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। आरोपी पूनम कतलम का शव पंचनामा की कारवाई कार्यपालिक मजिस्ट्रेट से कराया गया और डाॅक्टरों की टीम से उसका पीएम कराया गया है।