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छत्तीसगढ़

बंगाली समाज की महिलाओं ने सिंदूर खेलकर दी मां दुर्गा की बिदाई


 अंबिकापुर। दुर्गा बाड़ी में बुधवार को बंगाली समाज की महिलाओं ने सिंदूर खेलने के बाद देवी मां को विदाई दी गई। बंग्ला पर परा के मुताबिक मान्यता है कि नवदुर्गा के दिनों में देवी मायके आती है। विजयदशमी को वे वापस ससुराल जाती हैं, इसलिए समाज की महिलाएं उन्हें सिंदूर लगाकर विदाई देती हैं और फिर एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सौभाग्य की कामना करतीं हैं। सिंदूर खेला के समय एक बांग्ला गीत गाया जाता है, ‘मां चोले छे शोशुर बाड़ीÓ यानी मां ससुराल जा रही हैं। जब महिलाएं मां को सिंदूर लगाती हैं तो कहती हैं, ‘आमा के भालो रखो आश्चीबाचुर आबे एशोÓ। यानी हमें अच्छी तरह रखना और इसी तरह अगले साल फिर आना।

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