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छत्तीसगढ़

अक्टूबर महीने के अंत में ठंड ने दी दस्तक, फुटपाथ पर सजी गर्म कपड़ोंं की बाजार ग्राहक भी दुकानों पर पहुंचने लगे हैं पर गर्म कपड़ों की बिक्री की र तार नहीं पकड़ी है अंबिकापुर. अक्टूबर का महीना खत्म होने को है और जिले में ठंड का

अहसास शुरू हो गया है। ठंड का दस्तक देते ही ऊनी व गर्म कपड़ों की दुकानें सज गई है। सुबह ८ बजे और शाम ५ बजे के बाद मौसम में ठंडक आ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रात: कोहरा छाने लगा है। ठंडक की दस्तक के चलते बाजार में गर्म कपड़ों की दुकानें जगह-जगह सज गई है। सड़क किनारे भी कंबल, शॉल सवेटर, जैकेट सहित अन्य गर्म कपड़ों की अस्थाई दुकाने भी लग रही है। वहीं लगातार तापमान में भी गिरावट आना शुरू हो गया है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान १३ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 2९ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड की दस्तक के साथ ही बाजारों में गर्म कपड़ों का बाजार सजने लगा है। शहर के मेन रोड, मनेन्द्रगढ़ रोड, बनारस मार्ग सहित शहर के अन्य फुटपाथों पर गर्म कपड़ों की दुकानें खुल गयी है। इसके अलावा शॉल, कंबल, रजाई आदि की बिक्री शुरू हो गयी है। ठंड ने बाजार के कपड़ा दुकानों का लुक ही बदल दिया है। अधिकतर दुकानों पर रंग-बिरंगे ऊनी कपड़े, लेदर जैकेट और टोपी नजर आ रहे हैं। ठंड को लेकर व्यवपारियों ने भी तैयारी कर ली है। ग्राहक भी दुकानों पर पहुंचने लगे हैं। हालांकि अभी गर्म कपड़ों की बिक्री र तार नहीं पकड़ी है।  

बढ़ते ठंड के साथ सेहत का रखें याल
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अनिल प्रसाद ने बताया कि तापमान में कमी और हवा में नमी होने से बूढ़े-बुजुर्गों की परेशानी बढ़ जाती है। इस दौरान मरीज को सिरदर्द, थकान, बुखार होने के साथ ही गले में खरास रहने के साथ खांसी, बुखार के लक्षण दिखना आम बात है। वहीं ठंडी के मौसम मे कोरोना का खतरा और बढ़ा गया है। लोगों को लापरवाही बरतने की जरूरत नहीं है। सर्दी-बुखर के लक्षण आने पर कोरोना का भी जांच करालेना चाहिए। ताकि बीमारी का पता चल सके और लोग खुद व अपने परिवार को सुरक्षित रख सकें।  

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