केन्द्रीय जेल अंबिकापुर में 2230 बंदी, कैदी हैं, १५० कैदियों को दे दी गई है छुट्टी
अंबिकापुर – केंद्रीय जेल अंबिकापुर में कोरोना संक्रमण दस्तक दे चुका है। अब तक तीन बंदी संक्रमित पाए जा चुके हैं। वहीं एक दर्जन से ज्यादा जेल प्रहरी सहित स्टाफ होम आइसोलेशन में हैं। इसे लेकर जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। अब तक अंबिकापुर केन्द्रीय जेल कोरोना से बचा हुआ था। अगर जेल में कोरोना संक्रमण फैलना शुरू हुआ तो यह विकराल रूप ले सकता है। जेल प्रबंधन काफी सावधानी बरत रहा है। जेल के अंदर कोविड-19 की वास्तविक स्थिति क्या है इसे जानने के लिए अब कैदियों का सैंपल लेकर कोविड-19 की जांच की जा रही है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग की टीम जेल पहुंचकर कोरोना संदिग्ध कैदियों का सैंपल ली है।
गौरतलब है कि केन्द्रीय जेल अंबिकापुर के दो कैदी संक्रमित हो चुके हैं। वहीं जेल प्रहरी सहित एक दर्जन से ज्यादा जेल स्टाफ कोरोना संदिग्ध पाए गए हैं। वे होम आइसोलेशन में हैं। अब तक अंबिकापुर जेल कोरोना संक्रमण से बचा हुआ था। कोरोना का दस्तक देते ही जेल प्रशान में हड़कंप मच गया है। कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु जेल प्रशासन पूरी एहतियातन बरत रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैदियों की कोरोना जांच के लिए सौंपल लेनी शुरू कर दी है। केंद्रीय जेल अ िबकापुर में लगभग 2230 कैदी बन्द है। ऐसे में जेल के अंदर कोरोना वायरस की दस्तक के बाद अन्य कैदियों में भी कोविड-19 के संक्रमण फैलने का खतरा मंडरा रहा है। यही नहीं दो कैदी के संक्रमित पाए जाने के पहले अंबिकापुर जेल में पदस्थ तीन जेल प्रहरी भी कोविड-19 से संक्रमित पाए गए थे। जिस वजह से खतरा और भी बढ़ गया है। लेकिन एक साथ 2230 कैदियों का सैंपल कैसे लिया जाए यह एक बड़ी चुनौती है। क्योंकि कैदियों को कोविड-19 से बचाने के साथ-साथ सुरक्षा भी काफी महत्वपूर्ण है। दरअसल इतनी बड़ी सं या में कैदियों को जांच केंद्र में ले जाकर उनकी जांच कराना जेल प्रबंधन के सामने काफी चुनौतीपूर्ण था। इसे देखते हुए जेल अधीक्षक राजेंद्र गायकवाड ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी को एक पत्र लिखकर मांग की थी कि कैदियों की जांच के लिए जेल में ही स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी जाए। इसके बाद जिला स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम कैदियों की कोविड-19 की जांच के लिए जेल पहुंची थी।
लक्षण वाले ४०० कैदियों का लिया जाएगा सौंपल
डिस्ट्रिक्ट सैंपल कोऑर्डिनेटर नवीन सिंह ने बताया कि जेल में बंद लगभग 400 ऐसे कैदियों का एंटीजन पद्धति के जरिए सैंपल लिया जाएगा जिन्हें सर्दी खासी बुखार सहित कोरोना के लक्षण होंगे। वहीं उन्होंने बताया कि एंटीजन पद्धति के जरिए कैदियों की कोरोना रिपोर्ट 2 से 3 घंटे के भीतर आ जाएगी। बहरहाल अब देखने वाली बात होगी केंद्रीय जेल अंबिकापुर के अंदर कोरोना वायरस की वास्तविक स्थिति क्या है और कितने कैदी कोरोना से संक्रमित पाये जाते हैं।
१५० कैदी छुट्टी पर हैं
जेल में ज्यादा भीड़ न हो इसके लिए कोरोना काल जब शुरू हुआ था उस समय ही शासन के निर्देश पर जेल से भीड़ कम करने का निर्देश दिया गया था। निर्देश के बाद केन्द्रीय जेल अंबिकापुर से १५० बंदियो को पैरोल जमानत पर छुट्टी दे दी गई है। शेष अभी 2230 कैदी बन्द जेल में हैं।
