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छत्तीसगढ़

कोतवाली पुलिस ने 10 जुंआरियों को पकड़कर बरामद किए 60 हजार रुपये 0 मानी-गेतरा के जंगल में सजी थी जुंए की महफिल

0 एसपी को मिली सूचना पर की गई कार्रवाई
सूरजपुर। कोतवाली पुलिस ने मानी गेतरा जंगल में चल रहे जुंआ के फड़ में छापा मारकर 10 लोगो को बावनपरी के साथ इश्क लड़ाते रंगे हाथो पकड़ा है। जिनके पास व फड़ से करीब 60 हजार रूपये जप्त किया गया है। बताया गया है कि रविवार की देर शाम पुलिस अधीक्षक राजेश कुकरेजा को ग्राम मानी-गेतरा स्थित एक क्रेशर के पीछे जंगल में जुंआ खेले जाने की सूचना मिली थी। जिस पर उन्होंने जुंआरियों को पकड़ने कोतवाली प्रभारी धर्मानंद शुक्ला को निर्देश दिए थे। कोतवाली प्रभारी टीम के साथ उक्त स्थान पर पहुंचे और जुआ खेल रहे 10 लोगों को पकड़ा गया है। जिनके कब्जे व जुआ फड से पुलिस टीम ने 60 हजार 8 सौ रूपये जप्त किया है। इसके अलावा इन जुआड़ियों से 6 मोबाईल कीमत 35 हजार, 5 मोटर सायकल व 1 नग कार कीमत 8 लाख 65 हजार रूपये को भी जप्त किया है। पकड़े गए सभी जुआड़ियों के द्वारा कोरोना संक्रमण के दौरान बिना मास्क पहने एक स्थान पर एकत्रित होकर जुआ खेलते पाए जाने पर इनके विरूद्व जुआ एक्ट, भारतीय दण्ड संहिता की धारा 269, 270 एवं महामारी अधिनियम की धारा 3 के तहत् कार्रवाई की गई है। बताया गया है कि पकड़े गए इन जुआड़ियों के विरूद्व पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्यवाही भी की जा रही है। कार्यवाही के दौरान मानी-गेतरा जंगल में 5 नग मोटर सायकल लावारिश हालत में पाए जाने पर धारा 102 के तहत कार्यवाही कर जप्त किया गया।

इन जुंआरियो पर की गई है कार्रवाई
पुलिस ने मिलन राजवाड़े ग्राम डेडरी, धर्मजीत राजवाड़े ग्राम पचिरा, सुरेन्द्र राजवाड़े ग्राम सलका, अजय बिंझिया, अनिल राजवाड़े ग्राम कुरूवां, मनोज राजवाड़े पिता शीतल प्रसाद राजवाड़े, संजीत देवांगन ग्राम डेडरी, साधूराम देवांगन ग्राम हर्राटिकरा, हरिलाल यादव ग्राम कंदरई, श्यामलाल बरगाह ग्राम भगवानपुर पर कार्रवाई की गई है।
कार्रवाई में ये रहे शामिल
कोतवाली पुलिस के द्वारा की गई इस कार्रवाई में कोतवाल धर्मानंद शुक्ला समेत एसआई हिम्मत सिंह शेखावत, प्रधान आरक्षक बिसुनदेव पैंकरा, अदीप प्रताप सिंह, विनोद सिंह, आरक्षक रावेन्द्र पाल, सुरेश साहू, रामकुमार नायक, कैलाश यादव, राजीव गवेल, अजीत प्रताप सिंह, प्रेमसागर साहू व संदीप शर्मा आदि शामिल रहे।
तो क्या कोतवाली पुलिस पर से उठ गया है लोगो का भरोसा
सूत्रों की माने तो ग्राम मानी गेतरा में लम्बे समय से जुंआ का फड़ संचालित हो रहा था। बड़े पैमाने पर जिले के साथ- साथ सीमावर्ती जिले के जुंआरी यहां जुंआ खेलने पहुंचते थे, और शाम ढलते ही सजी जुंए की महफिल देर रात तक चलती थी। व्यापक पैमाने पर जुंआरियो के पहुंचने की जानकारी पुलिस को कैसे नहीं लग सकी, यह समझ से परे है। पुलिस की जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि पुलिस अधीक्षक को जुंआ खेले जाने की सूचना मिली थी, तो क्या कोतवाली पुलिस का सूचना तंत्र कमजोर हो गया है या फिर कोतवाली पुलिस पर से लोगो का भरोसा उठ गया है या फिर कोई और बात है,,,? यह खुद अपने आप मे एक बड़ा सवाल है। जहां के मामलों के लिए मुखबिर के द्वारा एस पी को सूचना दी जा रही है। कही पुलिस की यह कार्रवाई बड़े जुंआरियो को बचाने साजिश या कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति तो नहीं,,,?

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