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छत्तीसगढ़

आईजी के कड़े तेवर देख थाना और चौकी प्रभारियों की खुली नींद, 24 घंटे के भीतर दर्ज किए 12 एफआईआर


० नौकरी के नाम पर ठगी के मामले में आवेदन लेकर पुलिस ने डाल दिया था ठंडे बस्ते में, आईजी ने कहा था ऐसे मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करने वाले प्रभारी खुद कार्रवाई के लिए रहें तैयार


अंबिकापुर. सरगुजा आईजी रतनलाल डांगी के कड़े तेवर देख थाना व चौकी प्रभारियों की लंबे अरसे बाद नींद खुली है। रेंज के कई थाने व चौकियों में नौकरी के नाम पर युवाओं से ठगी के कई मामले लंबित थे। पुलिस ने ऐसे लोगों से शिकायत लेकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। वहीं ठगी का शिकार हुए लोग थाने के चक्कर काटकर थक चुके थे लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। ऐसे में ठगी करने वाले लोगों के हौसले और बुलंद होते चले गए। आईजी की फटकार के बाद 24 घंटे के भीतर रेज के 5 जिलों की पुलिस ने 12 एफआईआर दर्ज किए हैं।


गौरतलब है कि सरगुजा आईजी रतनलाल डांगी से 2 दिन पहले ही सूरजपुर निवासी एक महिला ने स्वास्थ्य विभाग में भृत्य की नौकरी लगाने के नाम पर 3 लोगों के खिलाफ 4 लाख रुपए ठगी करने का आरोप लगाया था। 2 साल से पुलिस सिर्फ आवेदन लेकर चुप थी, ऐसे में आईजी ने शिकायत के 5 घंटे के भीतर संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर महिला के व्हाट्सएप्प पर भेज दिया था। साथ ही आईजी ने सरगुजा रेंज के सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया व जशपुर जिले के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए थे कि नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जाए। यदि एक भी मामले पेंडिंग मिलते हैं तो संबंधित थाना व चौकी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आईजी के इस निर्देश के बाद पुलिस महकमे में हडक़ंप मच गया।


24 घंटे के भीतर 12 एफआईआर
आईजी के निर्देश के बाद नौकरी के नाम पर ठगी के मामले में सरगुजा, बलरामपुर व कोरिया पुलिस ने 3-3, जशपुर पुलिस ने 2 तथा सूरजपुर पुलिस ने 1 एफआईआर दर्ज किया है। इस तरह पिछले 24 घंटे के भीतर 12 एफआईआर दर्ज किए गए। इस मामले में आईजी का कहना है कि नौकरी के नाम पर ठगी करने का मामला काफी गंभीर है, इसमें संबंधित के खिलाफ तत्काल एफआईआर होनी चाहिए। यदि किसी थाने या चौकी में शिकायत के बाद भी एफआईआर नहीं होती है तो यह काफी गंभीर बात है। अब इसके जि मेदार संबंधित थाना या चौकी के प्रभारी होंगे।

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