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छत्तीसगढ़

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के बेहतर ईलाज के हर संभव किया जा रहा प्रयास


 
अम्बिकापुर – संयुक्त संचालक एवं चिकित्सा अधीक्षक शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अम्बिकापुर डॉ. लखन सिंह ने बताया है कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अम्बिकापुर में मरीजों के बेतहर ईलाज के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। कतिपय मीडिया में प्रकाशित समाचार ‘‘कोरोना के डर से महिला का नहीं किया गया ईलाज, परिजन कई अस्पतालों में भटकते रहे, हो गई मौत’’ के संबंध में  शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अम्बिकापुर के मेडिसिन विभाग के सह-प्राध्यापक डॉ. आर.एन. गुप्ता के जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि अम्बिकापुर के केदारपुर निवासी 48 वर्षीय श्रीमती उर्मिला गुप्ता, पति श्री एस.पी गुप्ता को रात्रि 8 बजे केजुअल्टी ड्यूटी डॉ. द्वारा देखा गया। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए अतिशीघ्र मेडिकल आई.सी.यू. में भर्ती किया गया। जांच एवं हिस्ट्री लेने पर पता चला कि मरीज विगत 10 दिनों से बुखार, सर्दी-खांसी से पीडित है और पिछले 5-6 वर्षो से शुगर की बीमारी से पीडित है जिसका ईलाज अलग-अलग अस्पतालों में किया गया जिसके उपरांत मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर होने पर मरीज को मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में लाया गया। उस समय मरीज की स्थिति काफी गंभीर थी ऑक्सीजन सिचुरेशन, सांस लेने में काफी तकलीफ थी। मेडिकल आई.सी.यू. में ड्यूटी डॉक्टर द्वारा तत्काल देखा गया एवं उपचार शुरू किया गया। मेडिकल आई.सी.यू. के ड्यूटी डॉक्टर द्वारा डॉ. ललीत अग्रवाल द्वारा फिजिसियम ऑन कॉल से बात की गई एवं उचित सलाह दी गई। मेडिकल आई.सी.यू. में ड्यूटी डॉ. द्वारा टेलिफोनिक चर्चा की गई। मेडिकल कॉलेज के चेस्ट फिजिजियन डॉ0 रोशन लाल वर्मा से चर्चा अपरांत ड्यूटी डॉक्टर को उचित उपचार एवं बाईपेप (नॉन इनवेसिव वेन्टीलेटर सपोर्ट) पर रखने की सलाह दी गई। मरीज की स्थिति देखते हुए उसे बेहतर ईलाज हेतु रायपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

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