000कैसे पटेगा कर्ज,कैसे होगी भरपाई….?
बिहारपुर चांदनी। इलाके में इस वर्ष यहां हुई लगातार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। ग्राम पंचायत नवगई ,महुली, कोल्हुआ ,उमझर ,करौटीं, खैरा ,मोहरसोप ,पेण्डारी, ठाड़पाथर ,बेगारीडांड ,नावाटोला, कुबेरपुर ,खालबहरा, अवंतिकापुर समेत कई गांवों मे किसानों को भारी नुकसान पहुँचा है। अवंतिकापुर के किसान मनिजर प्रसाद सोनी के द्वारा धान का फसल लगाया गया था। धान का फसल लगाने के लिए किसान के द्वारा लगभग 50 हजार की नगद एवं खाद्य तथा बीज सभी मिलाकर ऋण लिया गया है। ऐसे में किसान अब परिवार को भी चलाना मुश्किल लग रहा है चलाए भी तो कैसे ऋण का परेशानी सबसे ज्यादा चिंताजनक है। अब किसान को भारी लग रहा है। प्रत्येक साल किसान के द्वारा लगभग 35 क्विंटल से ज्यादा की धान को आदिम जाति सेवा सहकारी समिति में धान बेचा जाता था अब उसके पास संकट सा छा गया है कि अब ऐसे में वह अपने को धान खाने के लिए भी बचाना मुश्किल हो गया है।। बुधवार सुबह ऐसा पानी गिरा की सब तरफ पानी ही पानी हो गया । उसी दिन इस किसान का चार बंधा टूट कर उसके फसल लगा धान को ध्वस्त कर दिया जिसे लगभग 70 प्रतिशत से ऊपर धान की क्षतिग्रस्त हो गया है। किसान अपने फसल की पहले ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत सहकारी समिति जहाँ पर धान की खरीदी होता है वहाँ बीमा करवा चुका है ।अब देखना यह है कि सरकार इस किसान की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत कितना मदद करता है। किसानों का बीमा इसी लिए होता है कि कहीं किसानों की संकटकाल में सूखाग्रस्त तथा बाढ़ प्रभावित में फसल क्षति होता है तो उसका हर संभव प्रयास कर मदद किया जावेगा। किसान अपनी क्षतिग्रस्त धान एवं टूटे मेड की जानकारी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी राघवेन्द्र शुक्ला को फोन कॉल के माध्यम से जानकारी दिया गया तो कृषि विस्तार अधिकारी शुक्ला ने मौके में जाकर देखकर यह आंकलन किया कि 70% से ऊपर धान की क्षतिग्रस्त किसान की फसल नुकसान पहुंचा हैं। वह अपने वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारि को मौखिक एवं लिखित दोनों रूप से अवगत करा चुके हैं। किसान को ऐसे मदद की दरकार है।
