अम्बिकापुर। जिले में 07 अक्टूबर तक 952.6 मिलीमीटर औसत वर्षा हुई है। भू-अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से शुरू की गई वर्षा मापन में अब तक अम्बिकापुर तहसील में 1023.2 मिलीमीटर, दरिमा तहसील में 726.1 मिलीमीटर, लंुड्रा तहसील में 761.3 मिलीमीटर, सीतापुर तहसील में 760.7 मिलीमीटर, लखनपुर तहसील में 1451 मिलीमीटर, उदयपुर तहसील में 527.2 मिलीमीटर, बतौली तहसील में 1057.4 मिलीमीटर तथा मैनपाट तहसील में 1314.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज हुई है। जिले में 07 अक्टूबर को 2.3 मिलीमीटर औसत वर्षा हुई है।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नर्सिंग छात्राओं द्वारा लोगों को मानसिक
स्वास्थ्य के बारे में किया गया जागरूक
विश्व मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम 10 अक्टूबर को
अम्बिकापुर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.पी.एस. सिसोदिया एवं नोडल अधिकारी जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के मार्गदर्शन में मानसिक स्वास्थ्य जन जागरूकता सप्ताह के अवसर पर विगत 6 अक्टूबर 2021 को हॉली क्रास नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य हेतु शहरी स्वास्थ्य केंद्र नावापारा में उपस्थित लोगों को जागरूक किया गया । जिसमें छात्राओं द्वारा असमान दुनिया में मानसिक स्वास्थ्य की थीम पर नाटक प्रस्तुत किया गया। साथ ही महिलाओं में मानसिक रोग के बचाव हेतु गर्भावस्था के दौरान अच्छा पारिवारिक माहौल को भी नाटक के माध्यम से जागरूकता प्रदान की गई। इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ० आयुष जयसवाल, चिकित्सा अधिकारी डॉ० रितेश सिंह, चिकित्सा अधिकारी डॉ० संवेदना सिंह, चिकित्सा अधिकारी डॉ० शीला नेताम, क्लीनीकल साइकोलोजिस्ट सी. पी. सुमन कुमार, नीतु केसरी, लक्की कल्पना तिर्की, हॉली कास नर्सिंग महाविद्यालय की स्टॉफ सिस्टर आशा श्रीमती दीपिका छात्राएं और सभी कर्मचारी उपस्थित थे।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम दिवस 10 अक्टूबर को-डॉ. रितेश सिंह मनोरोग चिकित्सक ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2021 के संबंध में संचालनालय स्वा० सेवाएं छ० ग० द्वारा जारी निर्देशो के अनुसार इस वर्ष विश्व मानसिक दिवस की थीम “असमान दुनिया में मानसिक स्वास्थ्य “निर्धारित की गई है। इस थीम पर जोर देते हुए विश्व मानसिक स्वा० दिवस के प्रति जनजागरूकता आयोजित की जाएगी, इन गतिविधियों में 10 वर्ष से अधिक आयु के स्कूली बच्चों, महिलाओं, किशोरों व बुजुर्गों के लिए अलग अलग जागरूकता कार्यक्रम किया जाएगा। शिविर के माध्यम से मनोरोगियों का पहचान एवं उपचार किया जाएगा।
