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छत्तीसगढ़

व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जला व्रत रखकर मांगी खुशियां उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ चार दिवसीय महापर्व छठ संपन्न

व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जला व्रत रखकर मांगी खुशियां
उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ चार दिवसीय महापर्व छठ संपन्न
अंबिकापुर. उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही शनिवार को चार दिवसीय महापर्व छठ संपन्न हो गया। व्रतियों ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। इसके अलावा इस बार बड़ी सं या में व्रतियों ने अपने घरों और अपार्टमेंट की छतों पर भी अर्घ्य दिया गया। सुबह के अंधेरे में ही लोगों ने घाटों पर पहुंचना शुरू कर दिया था। हालांकि बादलों के चलते लोगों को समय से भगवान भास्कर का दर्शन नहीं हो सका। व्रतियों को सूर्योदय के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ा। पंचांगों के अनुसार सूर्योदय का समय तो सुबह 6 बजकर 11 मिनट का था, लेकिन मौसम विभाग ने आसमान में बादल छाने की भी बात कही थी, जिस वजह से व्रतियों का इंतजार थोड़ा बढ गया। छठ पूजा मनाने वाले व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जला व्रत रखकर कड़ी साधना करके सूर्य से अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की। सूर्य को अर्घ्य दिया गया। महिलाओं ने छठी मइया और सूर्य भगवान से अपनी संतानों, पति व परिवार की खुशियां मांगीं। इसके बाद उन्होंने अपने निर्जल व्रत का पारायण किया।
 
ऐसे पूरा हुआ व्रत
व्रतियों ने घाटों पर बेदी बनाई थी। खरना के दिन व्रतियों ने छोटी रोटी ओठगन बनाई थी। व्रतियों ने नदी-घाटों से लौटने के बाद उसी रोटी से व्रत तोड़ा। नदी-घाटों पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रतियों ने लोगों में प्रसाद वितरित किया।

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