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छत्तीसगढ़

गोठानो में वर्मी खाद का विक्रय शुरू समूह की महिलाओं ने बेचा 42 हजार का वर्मी खाद

अम्बिकापुर/ कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा के निर्देशानुसार तथा सीईओ श्री कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में जिले के गोबर विक्रेता पशुपालकों को बिक्री किए गए गोबर की राशि का भुगतान पाक्षिक किया जा रहा है। गोधन न्याय योजना से गोबर विक्रेताओं के साथ ही गोठान प्रबंधन समिति एवं महिला समूहों को भी आय प्राप्त हो रही है। वर्मी कम्पोस्ट का विक्रय भी शुरू हो गया है। अब तक 42 हजार रुपये के वर्मी खाद का विक्रय किया गया है।
गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी श्री यशपाल प्रेक्षा ने बताया कि जनपद पंचायत अम्बिकापुर के केशवपुर, जनपद पंचायत बतौली के टेड़गा, जनपद पंचायत लुण्ड्रा के बटवाही, जनपद पंचायत उदयपुर के सरगवां तथा जनपद पंचायत मैनपाट के कुनिया गोठान से 52.50 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का पैक्स के माध्यम से विक्रय किया गया है। इसमे से 12.50 क्विंटल वर्मी वन विभाग को तथा 40 क्विंटल उद्यानिकी विभाग को 8 रुपये प्रति क्विंटल की दर से विक्रय किया गया है। इससे 42 हजार रुपये की राशि शासन को प्राप्त हुई है।
गोठानों में क्रय किये गए गोबर से महिला स्व-सहायता समूह के द्वारा वर्मी कम्पोस्ट बनाकर विक्रय करने का कार्य प्रगति पर है। गोबर खरीदी करने वाले गोठानों में वर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए वर्मी टांका का निर्माण किया गया है। इस टांके में गोबर, कचड़ा तथा केंचुआ डालकर वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाया जा रहा है। वर्मी से मिट्टी के उपजाऊ क्षमता तथा उर्वरा शक्ति बढ़ती है तथा फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है। जिले के सभी 150 गोठानो (ग्रामीण) मे 582 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट बना लिया गया है जिसमे से 163 क्विंटल वर्मी का पैकेजिंग किया जा चुका है। वर्मी कम्पोस्ट को 2, 5 और 30 किग्रा के पैकेट में पैकिंग किया जा रहा है। गोठानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोठान में खरीदे गए गोबर से वर्मी खाद बनाकर विक्रय कर पुनः उसी पैसे से गोबर खरीदी किया जाएगा

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