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छत्तीसगढ़

मोहर्रम के मौके पर इमाम हसन-हुसैन की शहादत को स्मरण किया मुस्लिम आवाम ने जयस्तंभ चौक में धार्मिक झंडे के शीर्ष पर लहराया तिरंगा सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा की हुई गूंज


अंबिकापुर। आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर मनाए जा रहे अमृत महोत्सव का परिदृश्य मोहर्रम के मौके पर भी देखने को मिला। मुस्लिम आवाम के द्वारा ताजिया स्थल पर भी तिरंगा झंडा लगाया गया था। इस मौके पर इमाम हसन-हुसैन के शहादत को स्मरण कर परंपरागत तरीके से मातमी जुलूस निकाला गया। सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा की गूंज बीच-बीच में होती रही। जामा मस्जिद के पास जयस्तंभ चौक में मुस्लिम आवाम के द्वारा फहराए गए धार्मिक झंडे के शीर्ष पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहरा रहा था। पैलेस चौक सहित अन्य जगह भी ताजिया स्थल पर तिरंगा लहराने से आजादी के अमृत महोत्सव की याद ताजा होती रही। ताजिया के साथ निकले मुस्लिम आवाम ने जुलूस के दौरान कई प्रकार के करतब भी दिखाए।  
पूरे जिले में मंगलवार को मोहर्रम का पर्व शांति व भाईचारे के साथ सादगी पूर्वक मनाया गया। मोहर्रम के दसवें दिन शहर में मुस्लिम समाज के लोगों ने शांतिपूर्वक जुलूस निकाला। कोरोनाकाल के दो वर्ष बाद मोहर्रम के अवसर पर शहर में जुलूस देखने को मिला। दो वर्षों से सभी धर्म के धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगा था। इस वर्ष कोरोना की रफ्तार कम होने पर मोहर्रम का त्योहार उत्साहपूर्वक मनाया गया। ताजिए व अलमदार अपने-अपने चौक पर सुबह आठ बजे से ही फातेहा खानी व लंगरखानी में लगे थे। फातेहा लंगरखानी के बाद दसवीं मोहर्रम का जुलूस श्रीगढ़ से निकला, जो पर्राडांड, महामाया रोड, महामाया चौक, कदम्मी चौक, सदर रोड, अग्रसेन चौक से पैलेस रोड होते हुए वापस हुई। अंत में करबला में फातिहाखानी कर देर रात पहलाम किया गया।
दस दविसीय मोहर्रम पर हुए विविध आयोजन  
मुस्लिम समाज द्वारा इमाम हसन-हुसैन के शहादत की याद में मातमी पर्व मोहर्रम पिछले 10 दिनों से मनाया जा रहा था। समाज के लोगों द्वारा अपने घरों में फातिहाखानी के साथ ही मिलाद शरीफ का आयोजन किया। समाज के लोगों द्वारा मोहर्रम की आठ तारीख को छोटी चौक व नौ तारीख को बड़ी चौक बिठाकर फातिहाखानी की गई, अंतिम दिन मंगलवार को पहलाम मनाया गया।
पुलिस प्रशासन रहा अलर्ट
विश्व आदिवासी दिवस पर जगह-जगह आयोजन के साथ ही मोहर्रम पर्व एक दिन होने के कारण पुलिस प्रशासन की परेशानी बढ़ गई थी। दोनों ही बड़े आयोजन थे इसलिए पुलिस प्रशासन पूर्व से ही तैयारी की थी। सुबह से ही जगह-जगह पुलिस बल तैनात किए गए थे। मोहर्रम के जुलूस के दौरान भी पुलिस सक्रिय रही। शांति व्यवस्था बनाए रखने में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ ही विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में शामिल होने आए लोगों की भूमिका अहम रही।
कदम्मी चौक में जुलूस का मिलन
समाज के लोग अपने ताजिया व अलम के साथ शहर के विभिन्न मार्ग से होते हुए महामाया रोड, सदर रोड से कदम्मी चौक पहुंचे, यहां समाज के लोगों द्वारा जुलूस का मिलन कराया गया व विभिन्न प्रकार के करतब दिखाए गए। जुलूस में महिलाएं भी शामिल रहीं। महिलाओं ने इमाम हसन-हुसैन के शहादत की याद में मातमी गीत गा रही थीं।
स्वास्थ्य मंत्री ने की अमन और शांति की दुआ  
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रियासत काल से मोहर्रम के लिए बनाए गए विशेष चौक पर महराजा साहब की ताजिया पुराना बस स्टैंड की कमेटी की ओर से रखी जाती है, जो आपसी भाईचारा और सद्भावना की निशानी है। शहर के सभी धर्म के लोग ताजिया को बड़ी अकीदत से देखने आते हैं और अपने व परिवार की सलामती की दुआ मांगते हैं। अंबिकापुर विधायक व प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव भी मंगलवार को ताजिया स्थल पर पहुंच अमन व शांति की दुआ की।  
काले परिधानों में ईरानी समुदाय के लोग निकले मातमी जुलूस में
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शहर के कलेक्टोरेट के पीछे रहने वाले ईरानी डेरा के लोगों ने मोहर्रम की 10 तारीख को मातमी जुलूस निकाला। समाज के लोग काले परिधानों में जुलूस में शामिल हुए, जिनमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे। जुलूस घड़ी चौक से संगम चौक होते शहर भ्रमण की। इस दौरान ईरानी समुदाय के बुुर्जुग, युवा, बच्चे, महिलाएं सभी छाती पीटकर हजरत इमाम हुसैन से माफी मांगते शहादत को याद करते रहे। रास्ते भर या हुसैन के नारे लगे। इस दौरान सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा की गूंज बीच-बीच में होती रही।      
मोहर्रम पर्व को लेकर तटस्थ रही पुलिस
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पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज अजय यादव के मार्गदर्शन व पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, नगर पुलिस अधीक्षक अखिलेश कौशिक ने मंगलवार को रक्षित केंद्र अंबिकापुर के पुलिस मैदान में मोहर्रम जुलूस में तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी के संबंध में आवश्यक ब्रीफिंग की गई थी। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सरगुजा जिले में दो वर्षों बाद मोहर्रम का जुलूस निकल रहा है। सरगुजा जिला शांति एवं सौहाद्र्र के लिए जाना जाता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों व सहयोगी कर्मचारियों को सतर्कता पूर्वक ड्यूटी करने हेतु निर्देशित किया। इस दौरान उप पुलिस अधीक्षक एमआर कश्यप, उप पुलिस अधीक्षक एसएस पैकरा, उप पुलिस अधीक्षक इमानुएल लकड़ा, रक्षित निरीक्षक जयराम चरमाको, कोतवाली प्रभारी भारद्वाज सिंह, गांधीनगर थाना प्रभारी मो.कलीम खान, मणीपुर चौकी प्रभारी सरफराज फिरदौसी एवं पुलिस विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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