छ.ग.फ्रंटलाइन
अंबिकापुर। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा, अंबिकापुर के कुलपति प्रोफेसर अशोक सिंह की अध्यक्षता में स्वतंत्रता संग्राम में जनजाति समाज के अविस्मरणीय योगदान पर कंेद्रित संगोष्ठी हेतु आवश्यक बैठक कुलपति सचिवालय में हुई, जिसमें संगोष्ठी के आयोग द्वारा नामित संयोजक इन्दर भगत उपस्थित रहे। इस अवसर पर समाज सेवी अजय इंगोले, बीएचयू के डॉ.मनोज कुमार सिंह, आनंद कुमार, विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ.राजकुमार उपाध्याय ‘मणिÓ उपस्थित रहे।
कुलपति ने इस मौके पर बताया कि हम सब इस वर्ष आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जब हम स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए हुए संघर्षों और बलिदानों को याद करें और उन वीरगाथाओं का पुनर्पाठ करें। स्वतंत्रता संग्राम में जनजाति समाज का अविस्मरणीय योगदान रहा है। संगठित विद्रोहों के अलावा भारत का जनजाति समाज अपनी आध्यात्मिक परंपराओं, विशिष्ट संस्कृति और श्रेष्ठ जीवन-मूल्यों के साथ सदैव से भारतीय सभ्यता और संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। जब-जब देश की सुरक्षा पर संकट आया, जनजाति समाज ने अपने शौर्य और बलिदान से राष्ट्र की रक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया विश्वविद्यालय में होने वाले इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सरगुजा के समाज और छात्रों की सहभागिता रहेगी, ऐसा हम लोगों का प्रयास रहेगा। संगोष्ठी के माध्यम से जनजाति-समाज के पूर्वजों की वीरगाथाओं को सुनेंगे, उनके बलिदानों को जानेंगे और स्वयं जनजाति-समाज के प्रति गौरव का भाव जागृत करेंगे।
स्वतंत्रता संग्राम में जनजाति समाज का अविस्मरणीय योगदान-कुलपति विश्वविद्यालय में संगोष्ठी हेतु आयोजित की गई बैठक फोटो-
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