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छत्तीसगढ़

पारंपरिक खेल मड़ई में तीर-कमान व गुलेल से युवाओं ने साधा निशाना


अंबिकापुर। विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूहों के लिए आयोजित पारंपरिक खेल मड़ई में युवाओं ने तीर-कमान व गुलेल से निशाना साधा। 31 जुलाई से एक अगस्त तक ग्राम घंघरी में आयोजित खेल मड़ई में जनजाति समुदाय के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लुंड्रा विधायक डॉ.प्रीतम राम के मुख्य आतिथ्य में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किया गया।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जेआर नागवंशी ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस नौ अगस्त के अवसर पर विशेष रूप से कमजोर अनुसूचित जनजाति समूहों के लिए खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। विभिन्न आयु वर्ग के सीनियर वर्ग एवं वयस्क वर्ग की प्रतियोगिता के विजेता घोषित कर दिए गए हैं। सहायक आयुक्त ने बताया कि सीनियर वर्ग में 14 से 18 वर्ष के बालकों के लिए तीरंदाजी, गुलेल, बोरा दौड़ व तीन टंगड़ी की प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। तीरंदाजी में मैनपाट के कलेश्वर राम, गुलेल में बतौली के सदमश्री, बोरा दौड़ में बतौली के सुनील राम, तीन टंगड़ी दौड़ की युगल प्रतियोगिता में मैनपाट के समल कुमार व रविशंकर विजेता रहे। 18 वर्ष से अधिक के वयस्क वर्ग में तीरंदाजी में मैनपाट के रतिया राम, गुलेल में बतौली के अरिहर साय, बोरा दौड़ में बतौली के बलन सिंह विजेता रहे। इसी आयु समूह की बालिकाओं के लिए आयोजित प्रतियोगिता में मटका दौड़ में अंबिकापुर की अमरावती सिंह, फुगड़ी व बोरा दौड़ में बतौली की सोनिका मुडिहार विजेता रहीं। तीन टंगड़ी दौड़ युगल बालिका में बतौली की दुर्गावती व दंतेश्वरी विजेता घोषित की गई। इसके अलावा सामूहिक खेल के अंतर्गत कबड्डी एवं रस्सा खींच प्रतियोगिता आयोजित की गई।
विजेता प्रतिभागी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होंगे
सरगुजा जिले में आयोजित खेल प्रतियोगिता के विजेता आगामी सात अगस्त को इंडोर एवं आउटडोर स्टेडियम रायुपर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होंगे। राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाडिय़ों को कलेक्टर कुंदन कुमार, आदिवासी विकास विभाग के उपायुक्त डीपी नागेश एवं सहायक आयुक्त जेआर नागवंशी ने शुभकामनाएं दी हैं।

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