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छत्तीसगढ़

पिछड़ा वर्ग के तृतीय-चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों के संतान के लिए जाति प्रमाण पत्र हेतु आय सीमा लागू नहीं अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की समीक्षा बैठक संपन्न, आयोग के अध्यक्ष ने पत्रकारों से भी की चर्चा


अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग में अध्यक्ष थानेश्वर साहू की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं में अन्य पिछड़े वर्ग के हितग्राहियों को लाभांवित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों के संतानों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण पत्र बनाने में आठ लाख आय सीमा की बाध्यता नहीं होती, इसलिए ऐसे कर्मचारियों के पुत्र-पुत्रियों की जाति प्रमाण-पत्र बनाने में इसका ध्यान रखा जाए।
जिले में पहली बार आयोजित आयोग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री साहू ने कहा विभागों में संचालित योजनाओं में अन्य पिछड़े वर्ग के हितग्राहियों की सही-सही जानकारी संधारित हो ताकि लाभान्वित हितग्राहियों की सही जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण पत्र एवं वन अधिकार पत्र के लिए लोगों को भटकना नहीं पड़े इसका ध्यान रखना होगा। जाति प्रमाण पत्र केवल ऑनलाइन ही न बने बल्कि ऑफलाइन माध्यम से भी बनाए जाएं। उन्होंने कहा अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र हितग्राही जो 75 वर्षों से जमीन पर काबिज हैं उन्हें नियमानुसार वन अधिकार पत्र दिया जाए। दस्तावेजों की कमी होने पर व्यक्ति के रहन-सहन, परंपरा आदि के संबंध में ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित करा सकते हैं। आयोग के उपाध्यक्ष आरएन वर्मा ने आयोग की कार्यप्रणाली एवं शक्तियों के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने बैठक में दिए गए दिशानिर्देश के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोग को शिकायत या किसी प्रकरण के लिए सिविल कोर्ट के अधिकार प्राप्त हैं। बैठक में आयोग के सदस्य महेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार लंगेह, अपर कलेक्टर एएल धु्रव, एसडीएम प्रदीप साहू, लक्ष्मी गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

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