जरही/भटगांव। कोल इंडिया प्रबंधन को बार-बार मांग पत्र देने के बाद भी ऑल इंडिया डिप्लोमा इंजीनियर्स एंड ऑफिशियल एसोसिएशन की मांगों पर विचार नहीं करने एवं कोई सकारात्मक पहल नहीं होने जैसी मांगों को लेकर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कोल इंडिया मुख्यालय के गेट पर 12 जुलाई को महाधरना दिया गया। महाधरना में देश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में एसोसिएशन के सदस्य उपस्थित हुए। इस दौरान कोल इंडिया उच्च प्रबंधन टीम ने कहा कि उनकी सात सूत्रीय मांगों के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। इन सभी मांगों पर विचार कर उसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
ऑल इंडिया डिप्लोमा इंजीनियर्स एंड ऑफिशियल एसोसिएशन के महामंत्री आरके तिवारी ने कोल इंडिया प्रबंधन को चेतावनी दी कि अगर इस धरना के बाद भी कोल इंडिया प्रबंधन होश में नहीं आता है, तो संघ कोल इंडिया के सभी खदानों का उत्पादन ठप करने का भी निर्णय ले सकता है। उन्होंनेे सेंट्रल कमेटी के पदाधिकारी विधायक सह प्रेसिडेंट एमसीएल (एआइडीइओए) बृज किशोर प्रधान के साथ मीडिया से चर्चा की। इनकी मांगों में कोयला खदानों को कॉल माइंस रेगुलेशन 2017 के नियमों के तहत संचालित करना है ताकि खदानों में हो रहे दुर्घटना पर अंकुश लगाया जा सके। इसके अलावा कोल इंडिया के सभी खदानों में माइनिंग सुपरवाइजर की रिक्तियों को भरना, सेकंड क्लास पास होने के बाद योग्य उम्मीदवारों को तत्काल प्रभाव से अधिकारी वर्ग में पदोन्नत करना, जेबीसीसीआई द्वारा पारित माइनिंग सुपरवाइजर के लिए कैडर को तत्काल प्रभाव से लागू करना, प्रत्येक माइनिंग सुपरवाइजर का हर तीन साल में पदोन्नति, रिस्ट्रिक्टेड सर्टिफिकेट की नियुक्ति सुनिश्चित करना व माइनिंग सुपरवाइजर का नाम बदलकर जूनियर इंजीनियर रखना है। महाधरना में आइडिया के सेंट्रल कमेटी से विकास दास, प्रदीप सिंह , सुनील कुमार, आरबी दास, अशोक कुमार साव, आरआर दास, सागर रवानी, साजन महतो एवं कोल इंडिया के तमाम सब्सिडरी, एसईसीएल से अशोक कुमार साहू, आनंद प्रजापति, अंकित मिश्रा, सरार मिश्रा, केपी केशरी, संजीत कुमार, अजय सिंह, वेद विकास, बीसीसीएल से आरबी दास, राजीव कुमार सिंह, जगदीश महतो, संजय पासवान, अनुज कुमार सहित सीसीएल, एनसीएल, एनईसी एमसीएल टीम के सभी सब्सिडियरी से हजारों सदस्य उपस्थित हुए।
कोल इंडिया मुख्यालय में महाधरना देकर सात सूत्रीय मांगों को लेकर भरी हुंकार कहा-कोल इंडिया प्रबंधन होश में नहीं आया, तो सभी खदानों का कोल उत्पादन करेंगे ठप

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