अंबिकापुर। जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरगुजा कलेक्टर कुंदन कुमार ने जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार लंगेह, संयुक्त संचालक शिक्षा हेमंत उपाध्याय एवं जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुहे की मौजूदगी में जिले के सभी प्राचार्य, बीईओ, बीआरसी सहित अन्य अधिकारियों की संयुक्त बैठक शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अंबिकापुर मेें ली। कलेक्टर ने आगामी सत्र 2022-23 में जिले के बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने के लिए एक रोड मैप तैयार करने सभी अधिकारियों से को निर्देश दिया, ताकि बच्चे सही मुकाम हासिल कर सकें। उन्होंने कहा आपकी जो भी परेशानी होगी, उसे दूर करूंगा। सरगुजा जिले में एक लाख 80 हजार बच्चे हैं, आप सब छात्रों को छात्र की नजरों से ना देखें, खुद के बच्चे की नजर से देखें तभी आप उनका भविष्य संवार पाएंगे। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की, आप अब शिक्षक नहीं शिक्षावीर के रूप में अपनी एक अलग छवि बनाएंगे, जैसी छवि मैनपाट के जामझरिया स्कूल में शिक्षक अरविंद गुप्ता ने बनाया है। इसके लिए उन्हें जो भी मदद चाहिए जरूर बताएं। कलेक्टर ने अपना नंबर भी मीटिंग में उपस्थित तमाम अधिकारियों को दिया और कहा कि वे बेझिझक किसी भी समस्या के लिए संपर्क कर सकते हैं। आप मेरे बच्चों को शिक्षा देकर उन्हें उत्कृष्ट लेबल पर लाएं, शेष समस्याएं वे हल करेंगे। कलेक्टर ने 50 पॉइंट अधिकारियों को नोट कराएं और उनके आधार पर ही अधिकारियों को कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि सरकारी स्कूल में पढऩे वाले बच्चों का भविष्य उज्जवल हो सके और एक बेहतर शैक्षिक माहौल तैयार किया जा सके, स्कूल मॉडल बन सके। उन्होंने जिले में एक नई पहल 90 प्लस मिशन की शुरुआत की, जिसके तहत शिक्षक अपने विद्यालयों के 90 प्रतिशत बच्चों को 90 प्रतिशत अंक दिलाने का प्रयास करेंगे और उन बच्चों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने का मौका मिलेगा। उन्होंने सभी प्राचार्यों को अपने विद्यालय से पांच-पांच बच्चों को स्टेट के मेरिट में लाने के लिए कड़ी मेहनत करने के निर्देश भी दिए।
इन बिंदुओं पर करें अमल-
प्रत्येक दिन उपस्थित बच्चों और टीचरों का अटेंडेंस कलेक्टर को भेजना होगा। सभी बच्चे नियमित रूप से उपस्थित हों इसका शिक्षकों को प्रयास करने कहा गया। शिक्षक, अभिभावकों के साथ बैठकर मीटिंग करें ताकि बच्चों के भविष्य की राह आसान हो सके। बच्चों की साफ-सफाई से लेकर स्कूल की साफ -फाई तक ध्यान रखें। सभी बच्चों को पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश वितरित हो। मध्यान्ह भोजन नियमित एवं गुणवत्ता पूर्ण तरीके से संचालित हो। विद्यालय की पोताई रंग रोगन किया जाए। जर्जर भवन में बच्चों को बिल्कुल ना बैठाएं, समस्त भवनों की मरम्मत का प्रस्ताव जल्द से जल्द भेजें। अगर स्कूल के पास कोई भी जर्जर भवन हो तो उसे जल्द से जल्द डिस्मेंटल किया जाए। सभी बाउंड्री वाले स्कूलों में वृक्षारोपण किया जाए, बिना बाउंड्री वाले स्कूलों में ट्री गार्ड की व्यवस्था की जाए। बच्चों के अकादमिक लेबल को अनिवार्य रूप से सुधारा जाए, ताकि सभी कमजोर बच्चों को पढऩा-लिखना आ सके। खेलकूद गतिविधियों का आयोजन समय-समय पर किया जाए। कोई भी शिक्षक कक्षा में मोबाइल फोन का उपयोग ना करें। स्टाफ रूम, लाइब्रेरी, लैब आदि व्यवस्थित तथा अपडेट रखें। बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हो साथ ही अन्य कई निर्देश अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर ने की सरगुजा के स्कूलों में 90 प्लस मिशन की शुरुआत कहा-सरगुजा के कुल एक लाख 80 हजार छात्र अब सिर्फ आपके छात्र नहीं वो मेरे बच्चे हैं, आप भी उन्हें अपना बच्चा समझकर पढ़ाएं, शिक्षकों को दी शिक्षावीर की उपाधि

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