samvaad
छत्तीसगढ़

समर कैंप एवं आर्थिक गण्ड व्यवस्था का राष्ट्रीय अधिवेशन राजमोहिनी देवी आश्रम में आज से


प्रतापपुर। पारंपरिक आदिवासी महासभा संय्युंग-बु-गण्डवाना की बहुचर्चित कार्ययोजना आर्थिक गण्ड व्यवस्था का राष्ट्रीय अधिवेशन व राष्ट्रीय प्रशिक्षण समर कैंप पांच दिवसीय आवासीय समर कैंप का आयोजन 18 से 22 मई तक पद्मश्री माता राजमोहनी देवी, सरनापारा खोरमा स्थित आश्रम में किया गया है, जिसमें देश भर से चयनित विशेषज्ञ मास्टर ट्रेनरों का आगमन हो रहा है। इसमें 15-20 राज्यों से आदिवासी समाज के प्रमुखों की हजारों की संख्या में उपस्थिति का अनुमान है। इस समर कैंप में आदिवासी समुदाय के सदस्यों का आर्थिक विकास, उद्योग, व्यापार, कौशल विकास, पर्सनालिटी डेवलपमेंट,  ट्राइबल लोक व्यवहार के साथ-साथ, गण्ड व्यवस्था, ट्राइबल कल्चर, सांस्कृतिक पहचान, संवैधानिक अधिकारों के बारे में बताया जाएगा। गुड़ी ग्राम व्यवस्था, गढ़ व्यवस्था, कोट व्यवस्था, कोर व्यवस्था, संय्युंग-बु-व्यवस्था आदि के विषय में विस्तृत ट्रेनिंग दी जाएगी। आर्थिक गण्ड व्यवस्था के तहत हर आदिवासी ब्लाकों व जिलों में ट्राइबल रिसोर्स सेंटर, टीआरसी सुपर बाजार, सुपर ट्रेडिंग, सुपर कम्यूनिटी सेंटर की स्थापना कैसे करना है इसकी संपूर्ण कार्य योजनाओं का विस्तार से प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह संपूर्ण कार्यक्रम सांस्कृतिक रेला पाटा की संगीतमय धुन में संपन्न होगा। पांच दिवसीय इस आयोजन की व्यवस्था का शुल्क प्रति प्रतिभागी एक हजार रुपये निर्धारित किया गया है, जिसे कार्यक्रम स्थल में पंजीयन के समय जमा करना अनिवार्य है। आयोजक मंडल द्वारा अपील की गई है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थिति दर्ज कराकर समाज एवं स्वयं को सशक्त करें। कार्यक्रम के तैयारी के दौरान जनपद अध्यक्ष जगत लाल आयाम, त्रिभुवन सिह टेकाम, प्यारे लाल नागवंशी, चंद्रिका प्रसाद आयाम, उदित नारायण टेकाम, देवचंद, उदय मराबी, गुलाब नाग, खुरसेंगा, देवलाल चेरवा, भानु प्रिया कंवर, हरिराम आंडिल्य, रजनी टेकाम, सोनिया टेकाम, बंश बहादुर नागवंशी, गौरीशंकर चेरवा, ओमप्रकाश नागवंशी, समल सिह पोया उपस्थित थे।

Leave a Reply