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छत्तीसगढ़

रमजान के मौके पर मस्जिदों में पढ़ी गई अलविदा जुमा की नमाज कड़ी धूप को देखते हुए नमाजियों के लिए की गई थी छायादार व्यवस्था


अंबिकापुर। शहर के जयस्तंभ चौक के पास स्थित जामा मस्जिद, नूरानी मस्जिद, सद्भावना ग्राम तकिया, मायापुर व रसुलपुर में स्थित मस्जिदों में रमजान के मौके पर अंतिम शुक्रवार को अलविदा जुमा की नमाज पढ़ी गई। इस दौरान देश में अमन-चैन बना रहे इसकी दुआ की गई। जामा मस्जिद में मौलाना अबरार अली मिसवाही ने नमाज अता कराया। इस दौरान मुस्लिम समाज के युवा, वृद्ध, बच्चे सभी की मौजूदगी रही। कड़कड़ाती धूप को देखते हुए मस्जिद के सामने टेंट की छायादार व्यवस्था की गई थी। नमाज के लिए मुस्लिम धर्मावलंबियों की भीड़ व मस्जिद के सामने बनाई गई व्यवस्था को देखते हुए जयस्तंभ चौक से पुराना बस स्टैंड की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया था। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन के द्वारा पुलिस व यातायात विभाग के जवानों को तैनात किया गया था।
सिद्धू परिवार ने किया रोजा इफ्तार का आयोजन-
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अलविदा जुमा की नमाज के बाद शुक्रवार की शाम सदर रोड निवासी स्व.सरदार हाकिम सिंह के पोते रवि सिंह सिद्धू ने सिक्ख समाज के लोगों की मौजूदगी में जामा मस्जिद में रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया, जिसमें मुस्लिम समुदाय सहित अन्य समाज के लोग शामिल हुए। कोरोनाकाल में मस्जिद के पट बंद रहने के बाद भी यहां नमाज अता कराने के लिए आने वाले धर्मगुरूओं के लिए रोजा इफ्तार के लिए पेय पदार्थ की व्यवस्था की गई थी। सिक्ख समाज में पूर्व युवा समिति के अध्यक्ष का दायित्व निर्वहन कर चुके रवि सिंह सिद्धू छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अधिवक्ता भी हैं। उन्होंने बताया कि उनके दादा स्व.हाकिम सिंह के द्वारा भी ऐसा आयोजन रमजान के पवित्र माह में किया जाता था, वर्ष 1983 में वे पंचतत्व में विलीन हो गए थे। उन्हें जब दादा के द्वारा कराए जाने वाले रोजा इफ्तार की जानकारी मुस्लिम समाज के कुछ भाइयों से मिली तो वे रमजान के मौके पर एक दिन रोजा इफ्तार का आयोजन करते आ रहे हैं। पिछले 18 वर्षों से रोजा इफ्तार का यह सिलसिला चल रहा है। इस दौरान सिक्ख समाज के लोगों का पूरा सहयोग उन्हें मिलते आ रहा है।

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